दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने साल 2026 की दूसरी डिफेंस काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। यह महत्वपूर्ण बैठक 9 जून 2026 को आयोजित की गई। इस बैठक में देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सैन्य तैयारियों की समीक्षा की गई। यूएई ने इस साल कई हवाई हमलों का सामना किया है, जिसके बाद रक्षा विभाग की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

डिफेंस काउंसिल की बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

बैठक के दौरान यूएई के डिफेंस सिस्टम को आधुनिक और अधिक कुशल बनाने के लिए चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। शेख हमदान ने कहा कि देश की सुरक्षा को हर हाल में मजबूत रखना है और इसके लिए सेना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति के मार्गदर्शन में हम आधुनिक तकनीकों में निवेश जारी रखेंगे ताकि यूएई हर चुनौती के लिए तैयार रहे। बैठक में सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईसा सैफ बिन अब्लान अल मजरूई और रक्षा मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल स्टाफ इब्राहिम नासिर अल अलावी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सुरक्षा की मौजूदा चुनौतियां और हमले

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब यूएई को इस साल सुरक्षा के स्तर पर बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, देश पर 551 बैलिस्टिक मिसाइलें, 29 क्रूज मिसाइलें और 2,265 ड्रोन से हमले किए गए हैं। इन हमलों में यूएई सशस्त्र बलों के दो जवान और एक मोरक्कन नागरिक शहीद हुए हैं, जबकि 10 आम नागरिकों की जान गई है और 230 लोग घायल हुए हैं। पिछले महीने बराक परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास भी एक ड्रोन हमले के कारण आग लगने की घटना सामने आई थी। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए सेना के तकनीकी और मानवीय संसाधनों को अपग्रेड करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई डिफेंस काउंसिल की बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हुई?

यह बैठक 9 जून 2026 को आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने की।

इस बैठक में सेना के किन बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया?

बैठक में सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ईसा सैफ बिन अब्लान अल मजरूई और रक्षा मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल स्टाफ इब्राहिम नासिर अल अलावी सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए।