दुबई कस्टम्स ने डिजिटल दुनिया में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। अमेरिका के ग्लोबल इनोवेशन इंस्टीट्यूट ने इसे तीन बड़े इंटरनेशनल सर्टिफिकेट दिए हैं। इस उपलब्धि से अब दुबई में सामान की चेकिंग और कागजी कार्रवाई पहले से ज़्यादा तेज़ और आसान हो जाएगी।

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किन प्रोजेक्ट्स के लिए मिला यह सम्मान?

दुबई कस्टम्स ने अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया था, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है:

  • गाड़ियों के क्लियरेंस सर्टिफिकेट: अब गाड़ियों के कागजात का काम ऑटोमेटिक हो गया है जिससे समय बचेगा।
  • मेगा एक्स-रे स्कैनर: सामान की जांच के लिए बड़ी और आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल शुरू हुआ है ताकि सुरक्षा और रफ़्तार बढ़ सके।
  • अटेस्टेशन सर्विस: विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign Affairs) के साथ मिलकर दस्तावेज़ों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाया गया है।

लेवल 2 और लेवल 3 सर्टिफिकेट का क्या मतलब है?

इन प्रोजेक्ट्स में से दो को लेवल 2 कैटेगरी में रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सेवाओं की क्वालिटी बढ़ाना और उन्हें ज़्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना है। वहीं एक प्रोजेक्ट ने लेवल 3 हासिल किया है, जो कि इस संस्थान का सबसे ऊंचा दर्जा है। यह लेवल 3 सर्टिफिकेट यह बताता है कि यह सेवा लंबे समय तक काम आएगी और इसका दायरा बहुत बड़ा है।

अधिकारियों ने इस कामयाबी पर क्या कहा?

कस्टम्स डेवलपमेंट डिवीजन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Atiq Al Mehairi ने बताया कि यह कामयाबी उनके विजन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल समाधानों को अपनाने से काम की रफ़्तार बढ़ी है, प्रक्रियाएं तेज़ हुई हैं और व्यापार करने में आने वाली दिक्कतें कम हुई हैं। यह कदम सरकार की डिजिटल मॉडल को अपनाने की दिशा में एक बड़ा हिस्सा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुबई कस्टम्स को ये सर्टिफिकेट किसने दिए?

ये सर्टिफिकेट अमेरिका के ग्लोबल इनोवेशन इंस्टीट्यूट (Global Innovation Institute) ने दिए हैं।

इन डिजिटल बदलावों से व्यापारियों और आम लोगों को क्या फायदा होगा?

ऑटोमेशन और नए स्कैनर्स की वजह से अब कागजी काम कम होगा और सामान की क्लियरेंस की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी तेज़ हो जाएगी।