दुबई ने समुद्री रास्तों में चल रही रुकावटों और चुनौतियों का एक बहुत ही शानदार समाधान निकाल लिया है। दुबई कस्टम्स की नई पहल ‘ग्रीन कॉरिडोर’ (Green Corridor) ने व्यापार को न केवल सुरक्षित किया है, बल्कि सामान की आवाजाही में भी जबरदस्त तेजी ला दी है। मार्च और अप्रैल 2026 के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि इस नए रास्ते के शुरू होने से दुबई में आने वाले कार्गो की वैल्यू में कई गुना इजाफा हुआ है।
ग्रीन कॉरिडोर से व्यापार में कितनी बढ़त हुई?
दुबई कस्टम्स द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस नए रास्ते ने बहुत ही कम समय में बड़ी कामयाबी हासिल की है। जब समुद्री रास्तों में दिक्कतें शुरू हुईं, तो दुबई ने 72 घंटों के भीतर ओमान के साथ मिलकर इस कॉरिडोर को चालू कर दिया। इससे व्यापारियों को अपना सामान सुरक्षित तरीके से दुबई लाने में मदद मिली।
| विवरण | मार्च 2026 | अप्रैल 2026 |
|---|---|---|
| कस्टम डिक्लेरेशन की संख्या | लगभग 12,000 | लगभग 100,000 |
| सामान की कुल कीमत (AED) | 1 अरब दिरहम | 8 अरब दिरहम से ज्यादा |
यह आंकड़े साफ़ करते हैं कि व्यापारियों ने इस नए और सुरक्षित रास्ते पर पूरा भरोसा दिखाया है। यह कॉरिडोर खासतौर पर उन कंटेनरों के लिए बनाया गया है जो जेबेल अली पोर्ट (Jebel Ali Port) जाने वाले हैं या फिर दुबई के लोकल बाजार के लिए आ रहे हैं।
व्यापारियों और प्रवासियों के लिए क्या हैं नए नियम?
दुबई सरकार और दुबई कस्टम्स ने व्यापार को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कस्टम नोटिस नंबर 04/2026 और 06/2026 के तहत नियमों को आसान बनाया गया है। अब ओमान के रास्ते आने वाला सामान हत्ता बॉर्डर (Hatta Border Crossing) के जरिए सीधा दुबई पहुंच रहा है।
- ट्रांजिट समय में बदलाव: सामान के ट्रांजिट पीरियड को 30 दिन से बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है, ताकि कंपनियों को काम करने में आसानी हो।
- फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस: ओमान से आने वाले ट्रकों को हत्ता बॉर्डर पर तेजी से क्लीयरेंस दिया जा रहा है, जिससे समय की बचत हो रही है।
- गारंटी की सुविधा: मंजूर किए गए ऑपरेटरों के लिए कैश डिपॉजिट की जगह अब गारंटी लेटर स्वीकार किया जा रहा है।
- एयर कार्गो की सुविधा: ओमान के एयरपोर्ट्स पर उतरने वाले सामान को भी अब बॉन्डेड ट्रकों के जरिए सीधे दुबई एयरपोर्ट लाया जा रहा है।
दुबई के क्राउन प्रिंस Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid Al Maktoum ने खुद इस पहल की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि दुबई हमेशा से व्यापार का ग्लोबल हब रहा है और यह पहल सप्लाई चेन को बिना किसी रुकावट के चालू रखने के लिए बहुत जरूरी है। इस पूरे प्रोजेक्ट में DP World Logistics समुद्र के रास्ते आने वाले माल को और dnata एयर फ्रेट के काम को संभाल रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ग्रीन कॉरिडोर पहल क्या है?
यह समुद्री रास्तों में रुकावट के दौरान दुबई और ओमान के बीच बनाया गया एक वैकल्पिक व्यापारिक रास्ता है, जिससे सामान को सड़क मार्ग के जरिए तेजी से दुबई लाया जाता है।
क्या इस नए नियम से सामान की कीमत पर असर पड़ेगा?
इस पहल का मकसद बाजार में स्थिरता लाना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। तेज कस्टम प्रक्रियाओं और आसान नियमों की वजह से सामान की सप्लाई बनी रहती है जिससे कीमतें काबू में रहती हैं।
