दुबई कस्टम्स ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अपनी K9 यूनिट के लिए हाई-टेक गाड़ियों का नया बेड़ा पेश किया है। यह कदम 28 जून 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ के मौके पर उठाया गया। इसका मुख्य मकसद बॉर्डर सुरक्षा को और मज़बूत करना और ड्रग्स की तस्करी पर लगाम लगाना है।

गाड़ियों में लगी हैं आधुनिक तकनीकें

इन नई गाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बनाया गया है ताकि फील्ड ऑपरेशन्स में तेज़ी लाई जा सके। इन गाड़ियों की खासियतें नीचे दी गई हैं:

  • निगरानी कैमरे: केनेल के अंदर कुत्तों की हरकतों पर नज़र रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं।
  • ड्राइवर अलर्ट सिस्टम: गाड़ी चलाने वाले की सतर्कता को ट्रैक करने के लिए स्पेशल सिस्टम लगाया गया है।
  • थर्मल सेंसर: केनेल के तापमान की जांच के लिए सेंसर लगे हैं, जो तापमान बढ़ने पर तुरंत अलर्ट भेजते हैं।
  • इमरजेंसी एक्सेस: भारी ट्रैफिक में भी जल्दी पहुँचने के लिए इनमें खास इमरजेंसी पैनल लगाए गए हैं।
  • लाइव मॉनिटरिंग: इन गाड़ियों को दुबई कस्टम्स के मेन ऑपरेशन्स रूम से जोड़ा जा रहा है ताकि हर गतिविधि की लाइव निगरानी हो सके।

कुत्तों की देखभाल और सुविधाएँ

K9 यूनिट के कुत्तों की सेहत और आराम का पूरा ख्याल रखा गया है। गाड़ियों में अलग से एयर-कंडीशंड केनेल, ऑटोमैटिक पानी और खाने के बर्तन दिए गए हैं। साथ ही, फर्श को नॉन-स्लिप बनाया गया है और इसमें तीन इमरजेंसी एग्जिट और फर्स्ट-एड किट की सुविधा भी है।

अधिकारियों ने क्या कहा

दुबई कस्टम्स के टेक्निकल सपोर्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर Fouad Al Suwaidi ने बताया कि यह नया बेड़ा निरीक्षण प्रणाली में एक बड़ा सुधार है। इससे रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और तस्करी की कोशिशों को नाकाम करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश सिर्फ गाड़ियों तक नहीं, बल्कि कुत्तों की ट्रेनिंग और उनकी मेडिकल केयर तक फैला है।

पोर्ट्स, कस्टम्स और फ्री ज़ोन कॉरपोरेशन के चेयरमैन Abdullah Bin Damithan ने कहा कि ये बदलाव दुबई को सुरक्षा के मामले में दुनिया के लिए एक मिसाल बनाने के विज़न का हिस्सा हैं। उन्होंने बॉर्डर सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और नेशनल टैलेंट में निवेश करने पर ज़ोर दिया।

K9 यूनिट की ताकत और कामयाबी

दुबई कस्टम्स की K9 यूनिट में अभी कुल 28 कुत्ते हैं, जिनमें से 20 नशीले पदार्थों और 8 विस्फोटक का पता लगाने के लिए ट्रेंड हैं। इनकी देखरेख 24 हैंडलर्स करते हैं, जिनमें 20 पुरुष और 4 महिलाएँ शामिल हैं। यह यूनिट एक खास फैसिलिटी से काम करती है जिसमें 54 केनेल और ट्रेनिंग फील्ड्स मौजूद हैं।

तस्करी रोकने के प्रयासों में दुबई कस्टम्स को बड़ी सफलता मिली है। साल 2026 के पहले पाँच महीनों में 502 ऑपरेशन्स के दौरान 406 किलो नशीले पदार्थ और 23 लाख अवैध गोलियाँ ज़ब्त की गई हैं। इस काम में AI और बिग डेटा वाले रिस्क एनालिसिस सिस्टम के साथ-साथ ‘सियाज’ स्मार्ट बॉर्डर मॉनिटरिंग सिस्टम की बड़ी भूमिका रही है।