दुबई कस्टम्स ने व्यापार को आसान बनाने के लिए ओमान के साथ मिलकर एक अस्थायी ग्रीन कॉरिडोर शुरू किया है। अब दुबई से सामान को ओमान के पोर्ट और एयरपोर्ट के जरिए दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजा जा सकेगा। यह सुविधा उन व्यापारियों के लिए बड़ी राहत होगी जिनके शिपिंग रूट में दिक्कतें आ रही थीं। यह नियम एक्सपोर्ट और ट्रांजिट दोनों तरह के सामानों पर लागू होगा।

सामान भेजने की पूरी प्रक्रिया क्या रहेगी?

सबसे पहले सामान को दुबई के मौजूदा नियमों के हिसाब से स्क्रीन किया जाएगा और कस्टम घोषणाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद मुहरबंद माल को कस्टम की निगरानी में हत्ता सीमा तक ले जाया जाएगा। ओमान बॉर्डर पर पहुंचने के बाद वहां के अधिकारी दोबारा जांच करेंगे और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करेंगे। इसके बाद सामान ओमान के बंदरगाहों या हवाई अड्डों से दुनिया भर में भेजा जाएगा।

इस नई व्यवस्था की मुख्य बातें क्या हैं?

विवरण जानकारी
आधिकारिक नोटिस नोटिस संख्या 04/2026 और 06/2026
मुख्य मार्ग हत्ता सीमा पार से ओमान के अल वाजाजा बिंदु तक
समुद्री कार्गो पार्टनर DP World Logistics
एयर कार्गो पार्टनर dnata
लागू समय अस्थायी (अगले आदेश तक)
वित्तीय छूट नकद जमा की जगह गारंटी पत्र का विकल्प
उद्देश्य सप्लाई चेन को चालू रखना

यह सुविधा क्यों शुरू की गई है?

दुबई कस्टम्स के महानिदेशक अब्दुल्ला बुसेनाद ने बताया कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है। जीसीसी देशों के समुद्री और हवाई रास्तों में आ रही परिचालन दिक्कतों की वजह से यह फैसला लिया गया है। इसका मकसद यह है कि सामान की सप्लाई चेन न टूटे और व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे। यह कदम ओमान और दुबई के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।