दुबई में खाने-पीने की चीजों की उपलब्धता और सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। Dubai Environment and Climate Change Authority (DECCA) और Silal ग्रुप ने एक समझौते पर साइन किए हैं। इसका मुख्य मकसद दुबई में खेती को बढ़ावा देना और स्थानीय किसानों की मदद करना है।

क्या है यह समझौता और क्यों है जरूरी?

यह समझौता 27 अप्रैल 2026 को अल ऐन में आयोजित Emirates Agriculture Conference and Exhibition 2026 के दौरान हुआ। इस समझौते के जरिए एक ऐसा सिस्टम तैयार किया गया है जिससे स्थानीय स्तर पर होने वाले उत्पादन को बेहतर बनाया जा सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दुबई में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई बनी रहे और स्थानीय उत्पाद बाजार में टिक सकें।

अधिकारियों ने इस बारे में क्या कहा?

DECCA के डायरेक्टर जनरल Ahmad Mohammad bin Thani ने बताया कि खाद्य सुरक्षा देश की एक बड़ी प्राथमिकता है और सरकार इसे तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य केवल बातें करना नहीं बल्कि जमीन पर असली नतीजे लाना है ताकि दुबई में इसका सीधा असर दिखे।

इस कदम से किसे होगा फायदा?

इस पहल से सबसे ज्यादा फायदा दुबई के स्थानीय किसानों को होगा। Silal ग्रुप, जो यूएई का एक बड़ा एग्री-फूड और टेक्नोलॉजी ग्रुप है, अपनी तकनीक से किसानों का साथ देगा। इससे स्थानीय खेती की क्वालिटी सुधरेगी और दुबई अपनी जरूरतों के लिए बाहरी देशों पर कम निर्भर रहेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.