दुबई में रहने वाले प्रवासियों और वहां जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए यूएई सरकार के नियमों को जानना बेहद जरूरी है। यूएई में कानूनों का उल्लंघन करने पर सीधे डिपोर्ट यानी देश से बाहर निकाले जाने का प्रावधान है। हाल ही में फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट सिक्योरिटी (ICP) और जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ रेजिडेंसी एंड फॉरेनर्स अफेयर्स (GDRFA) जैसी संस्थाओं ने वीजा और डिपोर्टेशन से जुड़े नियमों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। अगर आप भी दुबई में रहते हैं तो कुछ ऐसी गलतियां हैं जिनसे आपको हमेशा बचना चाहिए।
दुबई से डिपोर्ट होने का कारण बनने वाली प्रमुख गलतियां
यूएई में डिपोर्टेशन एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों को देश से बाहर निकाल दिया जाता है। डिपोर्ट होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- गंभीर आपराधिक मामले: यूएई दंड संहिता के अनुच्छेद 121 के तहत चोरी, धोखाधड़ी, मारपीट और नशीली दवाओं से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने पर प्रवासियों को सजा पूरी होने के बाद सीधे डिपोर्ट किया जा सकता है।
- वीजा और इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन: वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी बिना अनुमति के देश में रुकना यानी ओवरस्टे करना और इमिग्रेशन नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है।
- अवैध रोजगार: बिना वैध वर्क परमिट या आधिकारिक अनुमति के काम करना या नौकरी करना यूएई के श्रम कानूनों के खिलाफ है।
- वित्तीय विवाद: बैंक चेक बाउंस होना या बड़ा बकाया कर्ज न चुकाने जैसे गंभीर वित्तीय मामलों के कानूनी पचड़े में फंसना।
- सार्वजनिक सुरक्षा और आचरण: सार्वजनिक सुरक्षा, नैतिकता या सामाजिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण को यूएई में कड़ाई से प्रतिबंधित किया गया है।
वीजा नियमों और यात्रा प्रतिबंधों को लेकर आए नए अपडेट
यूएई सरकार समय-समय पर अपने सुरक्षा और वीजा ढांचे में सुधार करती रहती है। हाल ही में हुए कुछ बड़े अपडेट इस प्रकार हैं:
- विशिष्ट देशों के लिए अस्थायी वीजा निलंबन: इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए 5 जून 2026 को बड़ा फैसला लिया गया। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों के सभी नए वीजा को निलंबित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 6 जून 2026 से प्रभावी हो गया है। हालांकि, इन देशों से बाहर लगातार 21 दिन बिताने वाले यात्रियों को इसमें छूट मिलेगी।
- प्रॉपर्टी इन्वेस्टर निवास वीजा नियम: दुबई लैंड डिपार्टमेंट ने दो साल के संपत्ति निवेशक वीजा नियमों में ढील दी है। अब व्यक्तिगत संपत्ति मालिकों के लिए कोई न्यूनतम संपत्ति मूल्य सीमा नहीं है। हालांकि, संयुक्त रूप से संपत्ति खरीदने वालों के लिए प्रति निवेशक कम से कम 400,000 दिरहम का हिस्सा होना आवश्यक है।
- डिपोर्टेशन समीक्षा समिति का गठन: न्यायिक सुधारों के तहत 30 जनवरी 2025 से एक विशेष समिति काम कर रही है। इस समिति के पास डिपोर्टेशन आदेशों को स्थगित करने, यात्रा प्रतिबंधों को हटाने या उपयुक्त गारंटी के आधार पर प्रवासियों को राहत देने का अधिकार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में बिना वर्क परमिट के काम करने पर क्या सजा है?
यूएई के श्रम कानूनों के अनुसार, बिना किसी वैध वर्क परमिट या आधिकारिक मंजूरी के काम करना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसा करने पर जुर्माना और देश से डिपोर्टेशन की कार्रवाई हो सकती है।
क्या डिपोर्टेशन के आदेश के खिलाफ अपील की जा सकती है?
हां, विशेष परिस्थितियों में अपील दायर करके, नए सबूतों के आधार पर पुनर्विचार का अनुरोध करके, या मानवीय आधार पर विशेष छूट की मांग करके डिपोर्टेशन आदेश को चुनौती दी जा सकती है।
