दुबई के इकोनॉमी और टूरिज्म विभाग (DET) ने Deutsche Bank के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस साझेदारी का मुख्य मकसद दुनिया भर के बड़े निवेशकों, अमीर परिवारों और बड़ी कंपनियों को दुबई में अपना बिजनेस शुरू करने और उसे बढ़ाने में मदद करना है। इससे दुबई को एक ग्लोबल बिजनेस हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या होगा आसान
इस समझौते के तहत Deutsche Bank अपने ग्लोबल नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा। बैंक उन क्लाइंट्स की पहचान करेगा जो दूसरे देशों में अपना निवेश बढ़ाना चाहते हैं या अपना बिजनेस दुबई शिफ्ट करना चाहते हैं। इनमें अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (UHNWs), फैमिली ऑफिस और औद्योगिक समूह शामिल होंगे।
वहीं DET इन निवेशकों को पूरी सुविधा देगा। इसमें बिजनेस सेटअप करने, सरकारी विभागों से संपर्क कराने और रेजिडेंसी (निवास) के सही रास्ते बताने में मदद मिलेगी। यह पूरी योजना दुबई इकोनॉमिक एजेंडा (D33) का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य दुबई की अर्थव्यवस्था के आकार को दोगुना करना है।
अधिकारियों ने क्या कहा
दुबई इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DEDC) के CEO हादी बद्री ने बताया कि यह पार्टनरशिप अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बड़े निवेशकों को जोड़ने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इससे दुबई की स्थिरता और ग्लोबल कनेक्टिविटी अब और बेहतर होगी।
Deutsche Bank के ग्लोबल वाइस चेयरमैन सलमान महदी ने कहा कि बैंक अपने क्लाइंट्स की लंबी अवधि की इच्छाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह साझेदारी यूरोप और दुबई जैसे गतिशील केंद्रों के बीच एक पुल का काम करेगी जिससे क्लाइंट्स को ग्रोथ के नए मौके मिलेंगे।
साझेदारी की मुख्य बातें
- क्लाइंट की पहचान: Deutsche Bank दुनिया भर से उन लोगों को ढूंढेगा जो दुबई में निवेश करना चाहते हैं।
- पूरी सहायता: DET बिजनेस शुरू करने से लेकर कागजी कार्रवाई और सरकारी मंजूरी तक में पूरी मदद करेगा।
- स्पेशल इवेंट्स: दुबई में एक “वेल्थ और फैमिली ऑफिस फोरम” शुरू किया जाएगा जो निवेशकों के लिए मुख्य प्लेटफॉर्म होगा।
- रोड शो: दुनिया भर में होने वाले कॉन्फ्रेंस और रोड शो में DET और Deutsche Bank मिलकर काम करेंगे।
- दुबई दौरा: बैंक के क्लाइंट्स जब दुबई आएंगे, तो उन्हें यहां के इन्वेस्टमेंट सिस्टम की पूरी जानकारी दी जाएगी।
