दुबई के क्राउन प्रिंस Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid Al Maktoum ने शहर के विकास के लिए 18 अरब दिरहम के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। इस निवेश का मुख्य मकसद दुबई में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को और बेहतर बनाना और शहर के भविष्य को एक नई दिशा देना है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए संस्कृति, व्यापार, बुनियादी ढांचे और शहरी नियोजन में बड़े बदलाव लाए जाएंगे।

इस पूरी योजना का एक अहम हिस्सा Dubai Cultural Strategy 2033 है, जिसका नेतृत्व Sheikha Latifa bint Mohammed bin Rashid Al Maktoum कर रही हैं। इस रणनीति के तहत 40 खास पहल की जाएंगी, जिससे 6,000 से ज्यादा स्थानीय और 6,000 से ज्यादा विदेशी कलाकारों को मौका मिलेगा। सरकार का लक्ष्य दुबई की सांस्कृतिक संपत्तियों को 200 प्रतिशत तक बढ़ाना और इस सेक्टर के GDP योगदान को 5.4 प्रतिशत तक ले जाना है।

आम जनता और बुनियादी ढांचे पर असर

सड़कों और सुविधाओं के लिए भी बड़े फैसले लिए गए हैं। Al Khail Street के विकास के लिए एक योजना बनाई गई है, जिसके तहत 15 किलोमीटर लंबी एक नई सड़क बनाई जाएगी। इससे करीब 26 लाख लोगों को सफर करने में आसानी होगी। साथ ही Dubai Creek की खूबसूरती को निखारने के लिए 8 किलोमीटर लंबा लाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जो 2027 की पहली तिमाही तक पूरा हो जाएगा।

शहर की आबादी पर नजर रखने के लिए ‘Dubai Population Now’ नाम से एक रीयल-टाइम सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिससे सरकार को सही फैसले लेने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, दुबई में पहली बार एक खास Falcon Market बनाया जाएगा, जिस पर करीब 50 मिलियन दिरहम खर्च होंगे।

विकास बजट और मुख्य लक्ष्य

प्रोजेक्ट/क्षेत्र बजट या लक्ष्य विवरण/समय सीमा
कुल विकास बजट 18 अरब दिरहम विभिन्न रणनीतिक प्रोजेक्ट्स
Public Parks and Greenery 18.3 अरब दिरहम 800 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स और 310 नए पार्क
Dubai Falcon Market 50 मिलियन दिरहम मार्च 2027 तक पूरा होगा
Al Khail Street 15 किलोमीटर लंबी नई सड़क
Dubai Creek Lighting 8 किलोमीटर लंबी लाइटिंग
सांस्कृतिक GDP योगदान 5.4% Dubai Cultural Strategy 2033 का लक्ष्य
Emirati Talents 3,000 मौके निजी शिक्षा क्षेत्र में 2033 तक

निवेशकों की सुविधा के लिए एक नया ‘Dubai Investor Register’ प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा, जिससे पूरे अमीरात में निवेश करना आसान होगा। इसके साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय अमीराती युवाओं के लिए निजी स्कूलों और कॉलेजों में 3,000 नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।