Dubai International Financial Centre (DIFC) ने अपनी Prescribed Company (PC) रेगुलेशन में बड़े बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम से दुबई में बिजनेस स्ट्रक्चर बनाना और भी आसान हो जाएगा। यह खबर उन लोगों के लिए काफी मददगार होगी जो वहां अपना काम शुरू करना चाहते हैं या बिजनेस का विस्तार करना चाहते हैं।

📰: Saudi Arabia New Rule: अब तेल पर निर्भरता होगी कम, नॉन-ऑयल रेवेन्यू सेंटर के नए नियम कल होंगे जारी

DIFC के नए नियमों में क्या बदलाव होंगे?

DIFC Authority ने बताया कि अब Prescribed Company (PC) के लिए कोई भी आवेदक आवेदन कर सकेगा। पहले इस प्रक्रिया में कुछ कड़ी शर्तें थीं, जैसे कि आवेदक कौन है और कंपनी का मकसद क्या है। अब इन पुरानी पात्रता शर्तों और नेक्सस-आधारित नियमों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इससे अब ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से वहां अपनी कंपनी रजिस्टर करा पाएंगे।

कॉर्पोरेट सर्विस प्रोवाइडर्स और बिजनेस स्ट्रक्चर पर क्या असर पड़ेगा?

इन बदलावों के बाद Corporate Service Providers (CSPs) की भूमिका और भी बढ़ जाएगी। इससे बिजनेस को व्यवस्थित करने के लिए नए और बेहतर विकल्प मिलेंगे। DIFC Authority के चीफ लीगल ऑफिसर Jacques Visser ने कहा कि इन संशोधनों से इस व्यवस्था का दायरा बढ़ेगा और लोगों के लिए बिजनेस करना सरल होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

DIFC के नए नियमों का मुख्य उद्देश्य क्या है

इसका मुख्य उद्देश्य बिजनेस स्ट्रक्चरिंग के विकल्पों को बढ़ाना और कंपनी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाकर इसे किसी भी आवेदक के लिए उपलब्ध कराना है।

क्या अब कंपनी खोलने के लिए पुरानी पात्रता शर्तें जरूरी हैं

नहीं, नए प्रस्ताव के अनुसार पुरानी क्वालीफाइंग पर्पस और नेक्सस-आधारित पात्रता आवश्यकताओं को हटा दिया जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.