दुबई का इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) अब दुनिया भर के लिए इंश्योरेंस और री-इंश्योरेंस का एक बहुत बड़ा केंद्र बन गया है। साल 2025 में यहां कुल प्रीमियम का कारोबार 4.2 अरब डॉलर के पार पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत ज़्यादा है। इस बढ़त के बाद अब दुनिया की बड़ी कंपनियां अपना काम दुबई से चलाने के लिए आगे आ रही हैं।

DIFC के इंश्योरेंस कारोबार में कितनी बढ़ोतरी हुई?

DIFC में इंश्योरेंस का काम बहुत तेज़ी से बढ़ा है। 2022 से लेकर अब तक यहां अंडरराइटिंग का वॉल्यूम दोगुना हो गया है। प्रॉपर्टी और लायबिलिटी इंश्योरेंस के साथ-साथ मरीन, एविएशन और ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर ने इस तरक्की में बड़ा हाथ निभाया है। DIFC अथॉरिटी के सीईओ आरिफ अमीरी ने बताया कि दुबई अब इंश्योरेंस के मामले में दुनिया के टॉप 10 फाइनेंशियल सेंटर्स में अपनी जगह बना चुका है।

विवरण आंकड़ा/जानकारी
कुल प्रीमियम (2025) 4.2 अरब डॉलर से ज़्यादा
सालाना बढ़ोतरी 20 प्रतिशत
ब्रोकर्ड प्रीमियम (2025) 3.4 अरब डॉलर
ब्रोकर्ड प्रीमियम में बढ़त 14 प्रतिशत
अंडरराइटिंग वॉल्यूम 2022 से दोगुना हुआ
कुल कार्यरत कंपनियां 135 से ज़्यादा
नई मान्यता प्राप्त कंपनियां 28 (2025-Q1 2026)

नए नियम और आने वाली कंपनियां कौन सी हैं?

DIFC के इकोसिस्टम को बढ़ाने के लिए 2025 और 2026 की पहली तिमाही में 28 नई कंपनियों को मंजूरी मिली है। इनमें Allianz Trade, Manulife और Sun Life जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वहीं, 5 मई 2026 को Soter Insure को भी लाइसेंस मिला है, जो डिजिटल एसेट इकोनॉमी के लिए इंश्योरेंस सेवाएं देगी।

नियमों में सुधार के लिए DFSA (Dubai Financial Services Authority) ने भी कदम उठाए हैं। 5 मई 2026 को एक सुझाव पत्र जारी किया गया, जिसमें इस्लामिक फाइनेंशियल बिजनेस और तकफुल (Takaful) प्रोडक्ट्स के लिए बेहतर खुलासे और गाइडलाइन्स की बात कही गई है। इसके अलावा, कंपनियों के स्ट्रक्चर को आसान बनाने के लिए भी नए नियमों पर चर्चा चल रही है, जिसकी समय सीमा 2 जून 2026 तक है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

DIFC में साल 2025 में इंश्योरेंस प्रीमियम कितना रहा?

साल 2025 में DIFC में ग्रॉस रिटन प्रीमियम 4.2 अरब डॉलर से ज़्यादा रहा, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

DIFC में हाल ही में कौन सी नई कंपनियां शामिल हुई हैं?

2025 और 2026 की पहली तिमाही में 28 नई कंपनियों को मंजूरी मिली, जिनमें Allianz Trade, Manulife और Soter Insure जैसे नाम शामिल हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.