दुबई की नॉलेज एंड ह्यूमन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KHDA) ने साफ कर दिया है कि शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों, नर्सरी और यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन पढ़ाई (distance learning) शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। यह फैसला बच्चों, स्टाफ और पूरे समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस आदेश के बाद अब दुबई में रहने वाले भारतीय परिवारों और अन्य प्रवासियों को अपने बच्चों की शिक्षा और देखभाल की योजना इसी हिसाब से बनानी होगी।

🚨: Kuwait Alert: आसमान से गिरे मलबे की वजह से कई इलाकों में बिजली गुल, गृह मंत्रालय ने लोगों के लिए जारी किया डेटा

स्कूलों के लिए क्या हैं नए नियम और जरूरी तारीखें?

सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्कूल को अपनी मर्जी से कैंपस खोलने की इजाजत नहीं होगी। इसके लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं जिन्हें हर संस्थान को मानना होगा।

  • अंतिम तारीख: सभी निजी शिक्षण संस्थानों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई 3 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य कर दी गई है।
  • साप्ताहिक समीक्षा: शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा मंत्रालय हर हफ्ते स्थिति की जांच करेंगे और जरूरी बदलाव करेंगे।
  • मंजूरी की प्रक्रिया: जो स्कूल कैंपस खोलना चाहते हैं, उन्हें KHDA के पास एक औपचारिक आवेदन जमा करना होगा।
  • ठोस कारण: आवेदन में स्कूल को यह बताना होगा कि वह क्यों खोलना चाहता है और सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं।
  • अंतिम फैसला: स्कूल खोलने का आखिरी फैसला शिक्षा मंत्रालय ही लेगा और हर स्कूल की अर्जी की अलग से जांच होगी।

माता-पिता और कामकाजी लोगों को क्या मिलेगी राहत?

इस फैसले का असर उन अभिभावकों पर भी पड़ेगा जो काम पर जाते हैं। सरकार ने इसके लिए कुछ खास इंतजाम किए हैं ताकि परिवारों को परेशानी न हो।

किसे मिलेगी राहत सुविधा का प्रकार
सरकारी कर्मचारी (माता-पिता) रिमोट वर्क या घर से काम करने की सुविधा
नर्सरी से कक्षा 8 के बच्चे अनिवार्य ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प
Taaleem और GEMS जैसे स्कूल कैंपस खोलने के लिए आवेदन प्रक्रिया में शामिल

जो परिवार अभी बच्चों को स्कूल भेजने में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं, उनके लिए हाइब्रिड और ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प हमेशा खुला रहेगा। Taaleem जैसे कुछ बड़े स्कूल ग्रुप्स ने 30 मार्च से कैंपस खोलने की अनुमति मांगी है, लेकिन जब तक आधिकारिक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक घर से ही पढ़ाई करनी होगी। संघीय सरकार के उन कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दी जाएगी जिनके बच्चे छोटे हैं, ताकि वे पढ़ाई में उनकी मदद कर सकें।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.