दुबई में अब सामान बनाने वाली कंपनियों के लिए विदेश में माल बेचना और कारोबार बढ़ाना काफी आसान होगा। Etihad Credit Insurance (ECI) और Dubai Economic Development Corporation (DEDC) ने इसके लिए एक बड़ा समझौता किया है। यह डील 7 मई 2026 को अबू धाबी नेशनल एग्जीबिशन सेंटर में ‘Make It In The Emirates’ इवेंट के दौरान साइन की गई।
दुबई के मैन्युफैक्चरर्स को क्या फायदे मिलेंगे?
इस समझौते के तहत ECI उन कंपनियों को क्रेडिट इंश्योरेंस की सुविधा देगा जिन्हें DEDC ने अपने एक्सपोर्ट असिस्टेंस प्रोग्राम के तहत चुना है। इसमें मुख्य रूप से Whole Turnover Insurance (WTO) और Single Risk Policies जैसे विकल्प दिए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक्सपोर्टर्स अपने इंश्योरेंस वाले कागजों को बैंकों में गारंटी (collateral) के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे उन्हें बिजनेस चलाने के लिए लोन और वर्किंग कैपिटल आसानी से मिल जाएगा।
D33 एजेंडा और बिजनेस के विकास पर क्या असर पड़ेगा?
दुबई सरकार का लक्ष्य अगले 10 साल में अपनी अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है, जिसे D33 एजेंडा कहा जाता है। ECI की CEO Raja Al Mazrouei ने बताया कि यह पार्टनरशिप स्थानीय कंपनियों को दुनिया भर के नए बाजारों तक पहुँचने में मदद करेगी। वहीं, ECI के डायरेक्टर Haitham Al Khazaleh ने चर्चा की कि छोटे उद्योगों (SMEs) के लिए पूंजी जुटाना और उनका विकास करना देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है।
ट्रेनिंग और सपोर्ट के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
सिर्फ इंश्योरेंस ही नहीं, बल्कि कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के तरीके सिखाने के लिए विशेष वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित किए जाएंगे। इसका मकसद यह है कि छोटे और मध्यम स्तर के निर्माता खुद को ग्लोबल मार्केट के हिसाब से तैयार कर सकें। इससे दुबई की गैर-तेल औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय उत्पाद दुनिया भर में पहुँच सकेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ECI और DEDC के बीच यह समझौता कब और कहाँ हुआ?
यह रणनीतिक समझौता 7 मई 2026 को अबू धाबी नेशनल एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित ‘Make It In The Emirates’ 2026 इवेंट के दौरान हुआ।
इस समझौते से कंपनियों को फाइनेंस मिलने में कैसे मदद होगी?
इंश्योरेंस मिलने के बाद कंपनियां अपने रिसीवेबल्स को बैंक में गारंटी के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगी, जिससे उन्हें एक्सपोर्ट फाइनेंसिंग और वर्किंग कैपिटल के लिए लोन मिलना आसान होगा।