दुबई के एमिरेट्स रोड पर एक बहुत ही दुखद सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 6 भारतीय और एक श्रीलंकाई मजदूर की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूरों से भरी एक मिनीबस सड़क पर रुके हुए एक ट्रक से जा टकराई। इस घटना में 9 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
कैसे हुआ यह हादसा और पुलिस ने क्या कहा
दुबई पुलिस के ट्रैफिक विभाग के डायरेक्टर ब्रिगेडियर जुमा सलेम बिन सुवैदान ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ट्रक में कुछ खराबी आ गई थी, जिसकी वजह से वह अचानक एमिरेट्स रोड के बीच में रुक गया। मिनीबस चलाने वाले ड्राइवर ने सड़क पर ध्यान नहीं दिया और ट्रक से सुरक्षित दूरी बनाए नहीं रखी, जिसकी वजह से पीछे से जोरदार टक्कर हुई।
दुबई पुलिस ने इस घटना के बाद सभी ड्राइवरों को चेतावनी दी है कि गाड़ी खराब होने पर सड़क के बीच में रुकना खतरनाक है। ऐसा करने पर फेडरल ट्रैफिक कानून के तहत 1,000 दिरहम का जुर्माना और 6 ट्रैफिक पॉइंट दिए जाएंगे। इसके अलावा, ट्रैफिक रोकने के लिए 500 दिरहम का अलग से जुर्माना लगेगा। पुलिस ने कहा है कि अगर गाड़ी खराब हो जाए, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
मारे गए लोगों की पहचान और उनकी जानकारी
हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर शारजाह की एक टेक्निकल सर्विसेज कंपनी में काम करते थे। वे दुबई की एक कंस्ट्रक्शन साइट से वापस शारजाह अपने रहने की जगह जा रहे थे।
- उत्तर प्रदेश से: मार्कंडेय चौहान (39), अब्दुल रशीद (38) और मोहम्मद साकिब (31)।
- तेलंगाना से: सलीम सैयद (51), अब्दुल रफिक (37) और तिरुपति गोलापल्ली (23)।
- श्रीलंका से: सामुवेल रंगासामी (34)।
घायलों में से 4 लोग अभी भी राशिद अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन आईसीयू में हैं। दुबई पुलिस के अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और उन्हें मदद का भरोसा दिया।
अरबपति ने दी बड़ी आर्थिक मदद
बुर्जिल होल्डिंग्स के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. शमशीर वयालील ने इस हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए 10 लाख (1 मिलियन) दिरहम की मदद का ऐलान किया है। इस मदद का विवरण नीचे टेबल में दिया गया है:
| मदद का प्रकार | रकम (दिरहम) |
|---|---|
| प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए | 100,000 |
| घायलों के इलाज और रिकवरी के लिए | 180,000 |
| रिश्तेदारों के सफर और रहने के खर्च के लिए | 70,000 |
| बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता | 50,000 |
भारत सरकार और तेलंगाना सरकार की कार्रवाई
दुबई स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। दूतावास के अधिकारी घायलों से मिलने पहुंचे और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर शवों को भारत भेजने की प्रक्रिया में जुटे हैं। वहीं, तेलंगाना सरकार ने विधायक मेडीपल्ली सत्यम को दुबई भेजा है ताकि वे वहां जाकर पीड़ित परिवारों की मदद कर सकें और कागजी कार्रवाई को जल्द पूरा करवा सकें। उम्मीद है कि तेलंगाना के मजदूरों के शव अगले दो दिनों में भारत पहुंच जाएंगे।