दुबई में नौकरी करने वाले प्रवासियों के लिए एक नया और बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। यहाँ की कंपनियां अब कर्मचारियों को केवल हेल्थ इंश्योरेंस ही नहीं दे रही हैं, बल्कि उनकी वसीयत यानी Will बनवाने और संपत्ति के बंटवारे की योजना में भी मदद कर रही हैं। प्रवासियों की भारी मांग को देखते हुए कंपनियां इस नए फायदे को अपने कर्मचारी पैकेज में शामिल कर रही हैं ताकि अच्छे कर्मचारियों को अपने साथ जोड़े रखा जा सके और उन्हें पूरी कानूनी सुरक्षा दी जा सके।

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कंपनियां क्यों दे रही हैं वसीयत बनवाने की सुविधा?

दुबई में काम करने वाले विदेशी कर्मचारी, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं, अब अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। पहले कंपनियां सिर्फ इलाज का खर्च या सामान्य इंश्योरेंस देती थीं। लेकिन अब वे प्रवासियों को कानूनी सुरक्षा देने के लिए आगे आ रही हैं। इससे कर्मचारियों को यह भरोसा मिलता है कि उनके बाद उनके परिवार और उनकी संपत्ति को यूएई में किसी कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Just Wills Legal Consultants की बड़ी भूमिका

यूएई की पहली वसीयत तैयार करने वाली कंपनी Just Wills Legal Consultants इस काम में मुख्य भूमिका निभा रही है। यह कंपनी पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से यूएई में काम कर रही है और कंपनियों के साथ मिलकर उनके कर्मचारियों के लिए वसीयत तैयार करने का काम कर रही है। यह संस्था कानूनी सलाह देने से लेकर वसीयत को पूरी तरह रजिस्टर करवाने तक की पूरी प्रक्रिया को संभालती है।

क्या यह सरकार की तरफ से कोई नया अनिवार्य नियम है?

यूएई सरकार ने हाल के वर्षों में श्रम कानूनों में कई बड़े सुधार किए हैं जिससे कर्मचारियों को काफी अधिकार मिले हैं। लेकिन कंपनियों के लिए कर्मचारियों को वसीयत बनाने की सुविधा देना कोई अनिवार्य सरकारी नियम नहीं है। यह पूरी तरह से कंपनियों का अपना फैसला है। कंपनियां खुद आगे रहकर यह सुविधा दे रही हैं ताकि वे बेहतरीन कर्मचारियों को अपने पास रोक सकें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुबई में कंपनियां वसीयत बनाने की सुविधा क्यों दे रही हैं?

विदेशी कर्मचारी अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर हो रहे हैं। कंपनियां अपनी छवि बेहतर करने और अच्छे कर्मचारियों को रोकने के लिए यह अतिरिक्त कानूनी सुविधा दे रही हैं।

क्या यूएई सरकार ने इसे सभी कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया है?

नहीं, यह कोई सरकारी अनिवार्यता नहीं है। कंपनियां अपनी मर्जी से इसे एक अतिरिक्त कर्मचारी लाभ के रूप में दे रही हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com