दुबई में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए घर का किराया देना अब आसान होगा। दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) ने किराए के भुगतान के लिए नए और लचीले तरीके शुरू किए हैं। अब किरायेदारों को एक साथ मोटी रकम देने की ज़रूरत नहीं होगी, बल्कि वे अपनी सुविधा के हिसाब से भुगतान कर सकेंगे।

DLD ने ‘Flexi Rents’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब किरायेदार अपनी पसंद के हिसाब से महीने, तिमाही या छमाही आधार पर किराया दे सकते हैं। भुगतान के लिए अब सिर्फ चेक का ही इस्तेमाल नहीं होगा, बल्कि क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ऑटोमैटिक डायरेक्ट डेबिट जैसी सुविधाओं को भी जोड़ा गया है।

इस योजना के जरिए किरायेदारों पर आर्थिक बोझ कम करने की कोशिश की गई है। इसमें कुछ खास फायदे भी दिए गए हैं, जैसे किराये की शुरुआत में कुछ दिनों की छूट मिल सकती है और कुछ मामलों में चेक में देरी होने पर लगने वाली फीस को माफ किया जा सकता है। DLD ने इस काम के लिए Wasl Properties, Deyaar, Dubai World Real Estate और Driven Properties जैसी 12 बड़ी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है।

Rently की 6 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई के 56% से ज़्यादा लोग मिड-मार्केट घर चुन रहे हैं। ये वो घर हैं जिनका सालाना किराया 50,000 से 100,000 दिरहम के बीच है। यह बदलाव उन प्रोफेशनल्स के लिए काफी मददगार है जो अपने महीने के बजट को सही तरीके से मैनेज करना चाहते हैं।

विवरण आंकड़े/जानकारी
मिड-मार्केट घरों का सालाना किराया 50,000 से 100,000 AED
औसत सालाना लीज़ वैल्यू 92,000 AED
मीडियन सालाना लीज़ वैल्यू 72,000 AED
Q1 2026 कुल रेंटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 32.2 बिलियन AED
Q1 2026 कुल नए और रिन्यू कॉन्ट्रैक्ट 253,992
कॉन्ट्रैक्ट कैंसिलेशन में गिरावट 25%
किराया बढ़ाने की नोटिस अवधि 90 दिन पहले

2026 की दूसरी छमाही में दुबई का रेंटल मार्केट अब स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। RERA स्मार्ट रेंटल इंडेक्स के जरिए किराए में होने वाली बढ़ोतरी पर नज़र रखी जा रही है ताकि यह उचित रहे। नियमों के मुताबिक, अगर कोई मकान मालिक किराया बढ़ाना चाहता है, तो उसे कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से कम से कम 90 दिन पहले लिखित सूचना देनी होगी।

यह नया सिस्टम नए और पुराने दोनों तरह के रेंटल कॉन्ट्रैक्ट पर लागू होगा, जिससे मौजूदा किरायेदार भी अपने मकान मालिकों के साथ भुगतान की शर्तों पर दोबारा बात कर सकेंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.