दुबई सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से ‘Our Flexible Summer’ पॉलिसी लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को गर्मियों के दौरान काम के घंटों में बड़ी राहत मिलेगी और कुछ को अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही ऑफिस जाना होगा। सरकार का यह कदम कर्मचारियों की सेहत सुधारने और उन्हें परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मौका देने के लिए उठाया गया है।
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यह लचीली वर्क पॉलिसी 29 जून से शुरू होकर 10 सितंबर 2026 तक चलेगी। बता दें कि यह लगातार तीसरा साल है जब दुबई सरकार ने यह पहल की है, इससे पहले 2024 और 2025 में भी इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आज़माया गया था।
काम करने के दो नए विकल्प
सरकार ने कर्मचारियों के लिए काम करने के दो अलग-अलग मॉडल तय किए हैं, जिन्हें विभाग अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुन सकते हैं:
- पहला मॉडल: इसमें कर्मचारी सोमवार से गुरुवार तक रोज़ 7 घंटे काम करेंगे और शुक्रवार को केवल साढ़े चार घंटे ड्यूटी करनी होगी।
- दूसरा मॉडल: इस विकल्प में सोमवार से गुरुवार तक रोज़ 8 घंटे काम करना होगा और शुक्रवार को पूरा दिन छुट्टी रहेगी। इससे प्रभावी रूप से चार दिन का वर्क वीक लागू हो जाएगा।
विभिन्न सरकारी विभाग अपनी ज़रूरत और काम के स्वरूप के आधार पर रिमोट वर्किंग यानी घर से काम करने की सुविधा और अन्य कस्टमाइज्ड शेड्यूल भी तय कर सकते हैं।
अधिकारियों ने क्या कहा
दुबई गवर्नमेंट ह्यूमन रिसोर्सेज डिपार्टमेंट (DGHR) के डायरेक्टर जनरल Abdullah Ali bin Zayed Al Falasi ने बताया कि कर्मचारियों की खुशहाली और उनके जीवन की गुणवत्ता संस्था की सफलता के लिए बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि यह पहल दुबई के उस मॉडल का हिस्सा है जो इंसानों के विकास को प्राथमिकता देता है। उनका मानना है कि जब कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होता है, तो उनकी कार्यक्षमता और इनोवेशन में भी बढ़ोतरी होती है।
आम लोगों और प्रवासियों पर असर
इस प्रोग्राम को लागू करने से पहले कर्मचारियों के फीडबैक और उनकी ज़रूरतों को समझा गया था। साल 2024 में इस योजना का हिस्सा बने 98% कर्मचारियों ने अपना संतोष जताया था। यह फैसला न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दुबई में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों के लिए भी राहत लेकर आएगा, क्योंकि इससे उन्हें अपने परिवार के साथ ज़्यादा समय बिताने और मानसिक तनाव कम करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल यह नियम सिर्फ सरकारी क्षेत्र के लिए है, लेकिन यूएई सरकार के भीतर अब इस बात पर चर्चा चल रही है कि प्राइवेट सेक्टर में भी रिमोट वर्किंग और लचीले कामकाजी घंटों को कैसे लागू किया जा सकता है।
