दुबई में बिज़नेस करने वालों और निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम की अध्यक्षता में दुबई फ्री ज़ोन काउंसिल की 34वीं बैठक हुई। इस बैठक में बिज़नेस को आसान बनाने और कंपनियों को आर्थिक मदद देने के लिए कई बड़े फैसलों पर चर्चा की गई। इसका मकसद दुबई को निवेश के लिए दुनिया का सबसे बेहतर और लचीला शहर बनाना है।
दुबई में बिज़नेस आसान बनाने के लिए क्या खास सुविधाएं मिलेंगी?
सरकार ने बिज़नेस चलाने वालों का बोझ कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें 1 अरब दिरहम का आर्थिक पैकेज शामिल है जो कंपनियों की मदद करेगा।
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| आर्थिक पैकेज | 1 अरब दिरहम का पैकेज, जिसमें फीस में छूट और राहत शामिल है |
| कस्टम्स ग्रेस पीरियड | समय सीमा 30 दिन से बढ़ाकर 90 दिन की गई |
| फ्रीज़ोन वन पासपोर्ट | एक लाइसेंस से कई फ्री ज़ोन में काम करने की सुविधा |
| बैंक अकाउंट | बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया को तेज़ किया गया |
| डिजिटल प्लेटफॉर्म | सभी परमिट और मंजूरी के लिए एक ही डिजिटल पोर्टल होगा |
| कैशलेस रणनीति | पेमेंट के तरीकों को डिजिटल और कैशलेस बनाया जाएगा |
| DIEZ उपाय | किराये में लचीलापन और फीस में छूट की सुविधा |
नौकरी और नए स्टार्टअप्स के लिए क्या बदलाव हुए हैं?
दुबई सरकार अब नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट और नए स्टार्टअप्स के नियमों को सरल बना रही है। इससे प्रवासियों और छोटे व्यापारियों को काफी फायदा होगा।
- यूनिफाइड एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट: General Directorate of Identity and Foreigners Affairs (GDRFA) के साथ मिलकर एक डिजिटल एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट बनाया गया है, जो सभी फ्री ज़ोन में लागू होगा।
- हलाल इंडस्ट्री और SMEs: इस्लामिक फाइनेंस और हलाल इंडस्ट्री के स्टार्टअप्स के लिए एक बेहतर माहौल तैयार किया जाएगा, जो नेशनल स्ट्रैटेजी 2031 का हिस्सा है।
- वर्चुअल एसेट्स (VARA): Virtual Assets Regulatory Authority (VARA) के ज़रिए डिजिटल एसेट्स के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं ताकि दुबई इस क्षेत्र का हब बन सके।
नियमों और सुरक्षा को लेकर क्या तैयारी है?
बैठक में अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों को रोकने पर ज़ोर दिया गया। FATF के आने वाले मूल्यांकन के लिए तैयारी की जा रही है ताकि दुबई की आर्थिक सुरक्षा बनी रहे और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़े।