दुबई के एयरपोर्ट और इमिग्रेशन पर अब फर्जी कागजात चलाना मुश्किल होगा। GDRFA दुबई के डॉक्यूमेंट इंस्पेक्शन सेंटर ने एक बड़ी जांच की है, जिसमें हजारों पासपोर्ट और वीज़ा की बारीकी से जांच की गई। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनके साथ छेड़छाड़ की गई थी।

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जांच में क्या मिला

GDRFA दुबई के डॉक्यूमेंट इंस्पेक्शन सेंटर ने साल 2025 से 2026 की पहली छमाही के बीच कुल 20,307 यात्रा दस्तावेजों की जांच की। इनमें पासपोर्ट, प्रिंटेड वीज़ा और इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा शामिल थे। इस पूरी प्रक्रिया में कुल 902 दस्तावेज ऐसे पाए गए जिनमें गड़बड़ी थी।

  • साल 2025 में 15,746 दस्तावेजों की जांच हुई और 689 गड़बड़ियां मिलीं।
  • साल 2026 के पहले छह महीनों में 4,561 दस्तावेजों की जांच हुई और 213 गड़बड़ियां पकड़ी गईं।

किस तरह की छेड़छाड़ हुई

जांच के दौरान पाया गया कि कुछ दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया था। कुछ में डेटा बदला गया था, तो कुछ में व्यक्तिगत जानकारी और फोटो के साथ डिजिटल छेड़छाड़ की गई थी।

अधिकारियों ने क्या कहा

GDRFA दुबई के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अहमद अल मर्री ने बताया कि दुबई के ट्रैवल सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल तकनीक और नए समाधानों का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। इससे पूरी दुनिया में दुबई के सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा।

इस सेंटर को ISO/IEC 17025:2017 का अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट भी मिला है, जिससे यह दुनिया भर में यात्रा दस्तावेजों की जांच के लिए एक बड़ा केंद्र बन गया है। इसी वजह से दक्षिण कोरिया, जर्मनी की पुलिस और यूरोपीय संघ के दूतावास जैसी टीमें यहां आकर काम करने का तरीका सीख रही हैं।

दुबई प्रशासन बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर लगातार काम कर रहा है ताकि यात्रा की सुरक्षा बनी रहे।