दुबई अब दुनिया के सबसे अमीर लोगों की पहली पसंद बन गया है। यहाँ के कम टैक्स और बिजनेस करने की आसान सुविधाओं की वजह से ग्लोबल मिलियनेयर्स यहाँ अपना घर बना रहे हैं। आने वाले समय में यहाँ अमीरों की संख्या और ज्यादा बढ़ने वाली है, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होगा।
दुबई में अमीरों की भीड़ बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
दुबई में अमीरों के आने के पीछे कई बड़े कारण हैं। यहाँ टैक्स बहुत कम है और बिजनेस के नियम काफी आसान बनाए गए हैं। इसके अलावा, यहाँ जल्दी रेजिडेंसी मिलने के विकल्प और लग्जरी लाइफस्टाइल लोगों को अपनी ओर खींच रही है। Moira Boyle ने बताया कि विदेश से आने वाले अमीर लोगों में से करीब 80 प्रतिशत लोग खुद की मेहनत से अमीर बने हैं।
अमीरों की संख्या और निवेश का ताजा डेटा क्या कहता है?
दुबई के प्रॉपर्टी मार्केट और मिलियनेयर्स की संख्या में भारी उछाल आया है। दिसंबर 2024 तक यहाँ 81,200 मिलियनेयर थे, जो जून 2025 तक बढ़कर 86,000 से ज्यादा हो गए। दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) और Betterhomes जैसी संस्थाओं के मुताबिक, साल 2025 में यहाँ करीब 10,000 नए मिलियनेयर्स के आने की उम्मीद है। यह माहौल उन भारतीयों के लिए भी मौके बढ़ाता है जो यहाँ निवेश करना चाहते हैं या बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।
| विवरण | आंकड़े/डेटा |
|---|---|
| दुबई मिलियनेयर आबादी (जून 2025) | 86,000 से अधिक |
| 2025 में संभावित नए मिलियनेयर्स | 6,700 से 10,000 के बीच |
| 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील (2025) | 35,932 ट्रांजेक्शन |
| कुल प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन वैल्यू (2025) | AED 686.8 अरब |
| ग्लोबल अल्ट्रा-वेल्थी आबादी (2030 अनुमान) | 676,970 व्यक्ति |
| अल्ट्रा-रिच परिवारों की कुल संपत्ति (2030 अनुमान) | 9.5 ट्रिलियन डॉलर |
| दुबई मिलियनेयर ग्रोथ (2014-2024) | 102 प्रतिशत |