दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने 12 मार्च 2026 को एक नया कानून जारी किया है। यह कानून (Law No. 5 of 2026) दुबई में सरकारी सेवाओं की आउटसोर्सिंग को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। अब सरकारी काम करने वाली प्राइवेट कंपनियों को कई नए नियमों का पालन करना होगा। इस कदम से दुबई में सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

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प्राइवेट कंपनियों के लिए क्या हैं नए नियम?

नए कानून के तहत प्राइवेट कंपनियों को सरकारी सेवाएं देने के लिए कुछ सख्त शर्तों को पूरा करना होगा। सबसे बड़ा बदलाव नौकरियों के अनुपात में किया गया है जिससे विदेशी कामगारों और प्राइवेट कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा।

  • Emiratisation का नया नियम: कंपनियों को हर एक विदेशी कर्मचारी (non-national) के मुकाबले कम से कम एक UAE नागरिक को नौकरी देनी होगी। यह 1:1 का अनुपात अनिवार्य है।
  • जुर्माना लगाने पर रोक: प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी आम लोगों पर अपनी मर्जी से कोई भी फाइन या जुर्माना नहीं लगा सकते। उन्हें सिर्फ सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करना होगा।
  • एकतरफा कॉन्ट्रैक्ट नहीं: सरकार किसी एक कंपनी को एकाधिकार (exclusive contract) नहीं देगी। एक ही काम के लिए कई कंपनियों को चुना जा सकता है ताकि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

नियम का पालन और निगरानी व्यवस्था

इस नए कानून को लागू करने और इसकी निगरानी का जिम्मा Dubai Department of Finance (DOF) को सौंपा गया है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली कंपनियों की परफॉरमेंस को लगातार चेक किया जाएगा।

सरकार ने सभी विभागों और प्राइवेट कंपनियों को इस कानून को पूरी तरह से लागू करने के लिए तीन साल का समय दिया है। यह समय सीमा इस कानून के आधिकारिक गजट में छपने के दिन से शुरू होगी। नए नियम के तहत काम करने वाले UAE नागरिकों की सैलरी और अन्य भत्ते सरकारी नियमों के अनुसार तय किए जाएंगे और इसे कॉन्ट्रैक्ट में साफ तौर पर लिखना होगा। आउटसोर्सिंग का यह नया तरीका दुबई में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बीच तालमेल को और मजबूत करेगा।