ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को दुबई में ओरेकल (Oracle) के एक डेटा सेंटर पर हमला करने का दावा किया है। इस खबर के आते ही दुबई सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और इन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। दुबई गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने साफ शब्दों में कहा है कि यह खबरें मनगढ़ंत और फर्जी हैं और शहर में ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है।
ईरान का क्या दावा है और सरकार ने क्या कहा?
ईरान के IRGC ने दावा किया कि उन्होंने दुबई स्थित ओरेकल डेटा सेंटर को निशाना बनाया है क्योंकि यह कंपनी अमेरिकी और इजरायली सेना की मदद करती है। दुबई सरकार ने 2 और 3 अप्रैल को जारी अपने बयानों में इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। सरकार ने स्थानीय लोगों और प्रवासियों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही झूठी खबरों के बजाय केवल सरकारी आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया है कि दुबई में जनजीवन सामान्य है और घबराने की कोई बात नहीं है।
UAE की सुरक्षा व्यवस्था और हालिया हमले
UAE के गृह मंत्रालय ने बताया कि देश की सुरक्षा प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हैं और पिछले दो दिनों में कई खतरों को हवा में ही खत्म किया गया है। क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच सुरक्षा आंकड़ों को नीचे दी गई लिस्ट में समझा जा सकता है।
- 1 अप्रैल: एयर डिफेंस ने 5 बैलिस्टिक मिसाइल और 35 ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया।
- 2 अप्रैल: सुरक्षा बलों ने 19 बैलिस्टिक मिसाइल और 26 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया।
- ओरेकल की प्रतिक्रिया: कंपनी की तरफ से अभी तक इस कथित हमले पर कोई टिप्पणी नहीं आई है।
- क्षेत्रीय असर: बहरीन में अमेजन के एक सेंटर पर ईरान की तरफ से हमले की पुष्टि वहां के गृह मंत्रालय ने की है।
दुबई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन किसी भी बड़े नुकसान से इनकार कर रहा है। यूएई की हवाई सुरक्षा प्रणाली काफी मजबूत है और यह लगातार सीमा की रक्षा कर रही है। प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त रहें और किसी भी आपात स्थिति में केवल आधिकारिक हेल्पलाइन का उपयोग करें और अफवाहों से दूर रहें।
