दुबई में रहने वाले और वहां सफर करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। दुबई की रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) ने शेख जायद रोड और दुबई हार्बर को जोड़ने वाले 1,500 मीटर लंबे नए ब्रिज का 90 फीसदी काम पूरा कर लिया है। इस शानदार पुल को जून 2026 में आंशिक रूप से यानी पार्टशियली ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। इससे शेख जायद रोड से आने-जाने वाले लोगों को सीधे दुबई हार्बर तक पहुंचने का रास्ता मिलेगा और ट्रैफिक से बड़ी राहत मिलेगी।
12 मिनट का सफर अब केवल 3 मिनट में होगा पूरा
इस नए पुल के बनने से सबसे बड़ा फायदा आम जनता और रोजाना काम पर जाने वाले प्रवासियों को होने वाला है। अभी तक शेख जायद रोड से दुबई हार्बर जाने में लोगों को करीब 12 मिनट का समय लगता था, लेकिन इस ब्रिज के चालू होने के बाद यह सफर घटकर केवल 3 मिनट का रह जाएगा। इस पुल पर दोनों तरफ दो-दो लेन बनाई गई हैं, जिससे हर घंटे करीब 6,000 गाड़ियां आसानी से आ-जा सकेंगी। इसके साथ ही इस पूरे रास्ते पर ट्रैफिक को सुधारने के लिए चार मुख्य चौराहों पर भी काम किया गया है ताकि लोगों को जाम से न जूझना पड़े।
431 मिलियन दिरहम का है पूरा प्रोजेक्ट, जुलाई में होगा पूरी तरह तैयार
RTA के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर कुल 431 मिलियन दिरहम (AED) का खर्च आया है। यह प्रोजेक्ट सरकारी और निजी भागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसे RTA और शामल होल्डिंग (Shamal Holding) मिलकर तैयार कर रहे हैं। जून 2026 में इसके शुरू होने के बाद, जुलाई 2026 तक इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 12 टीमों के करीब 1,400 इंजीनियरों और मजदूरों ने रात-दिन मेहनत की है। इस पूरे निर्माण में 45,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट और 8,273 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस नए पुल से यात्रा के समय में कितनी बचत होगी?
इस पुल के शुरू होने के बाद शेख जायद रोड और दुबई हार्बर के बीच यात्रा का समय 12 मिनट से घटकर केवल 3 मिनट रह जाएगा।
यह नया ब्रिज आम जनता के लिए कब से खोला जाएगा?
इस ब्रिज को जून 2026 में आंशिक रूप से खोला जाएगा, और जुलाई 2026 तक इसे पूरी तरह से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
इस पुल की क्षमता कितनी है और इस पर कितना खर्च आया है?
इस दो-लेन वाले पुल की क्षमता प्रति घंटे 6,000 वाहनों की है और इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 431 मिलियन दिरहम है।
