दुबई में लंबे समय के लिए होटल अपार्टमेंट में रुकने वाले प्रवासियों के लिए एक बहुत जरूरी खबर आई है। अक्सर लोग सोचते हैं कि होटल में महीनों या सालों रहने से उन्हें आम किरायेदारों जैसे अधिकार मिल जाते हैं, लेकिन कानूनी तौर पर ऐसा बिलकुल नहीं है। दुबई के नियमों के अनुसार, होटल अपार्टमेंट में रहने वाले मेहमानों को सामान्य रेंटल कानून के तहत सुरक्षा नहीं मिलती है। हाल ही में आए कोर्ट के फैसलों और सरकारी नियमों से यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि होटल में रहने वाले लोग किरायेदार की श्रेणी में नहीं आते हैं।

होटल अपार्टमेंट और सामान्य किराए के घर में क्या है बड़ा अंतर?

दुबई रियल एस्टेट रेगुलेटरी एजेंसी (RERA) और दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) के सामान्य रेंटल कानून होटल प्रतिष्ठानों और शॉर्ट-टर्म रहने वाली जगहों पर लागू नहीं होते हैं। होटल अपार्टमेंट में लंबे समय तक रहने वाले लोगों को किरायेदार की जगह मेहमान माना जाता है। इनमें मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

  • इजारी रजिस्ट्रेशन का न होना: दुबई में किसी भी सामान्य रेंटल प्रॉपर्टी के लिए Ejari रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है, लेकिन होटल अपार्टमेंट के लिए यह अनिवार्य नहीं है। बिना Ejari के कानूनन किरायेदार का दर्जा नहीं मिलता है।
  • किराया बढ़ने का नियम: सामान्य घरों का किराया बढ़ाने के लिए RERA Rental Index के सख्त नियम हैं, लेकिन होटल अपार्टमेंट का किराया उनके अपने नियमों और सीजनल रेट्स पर निर्भर करता है।
  • कमरे से निकालना: सामान्य किरायेदारों को निकालने के लिए कानूनी तौर पर लंबा समय और नोटिस दिया जाता है, लेकिन होटल में बिल न चुकाने पर सिविल कोर्ट या पुलिस की मदद से जल्दी कार्रवाई की जा सकती है।

विवाद होने पर कहां होती है सुनवाई?

सामान्य किरायेदारों के विवादों का निपटारा रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटर (RDC) करता है। लेकिन होटल अपार्टमेंट में रहने वालों के विवाद सिविल कोर्ट या उपभोक्ता अधिकार विभागों के पास जाते हैं। हाल ही में दिसंबर 2025 में आए एक अदालती फैसले में एक परिवार को 2 साल तक होटल में रहने के बाद भी किरायेदार के अधिकार नहीं मिले। अदालत ने साफ किया कि सिर्फ लंबे समय तक रहने से कोई व्यक्ति किरायेदार नहीं बन जाता है जब तक कि उसके पास Ejari एग्रीमेंट न हो।

शेयर्ड हाउसिंग को लेकर सरकार का नया कानून

दुबई सरकार ने शेयर्ड हाउसिंग को लेकर भी नियम कड़े कर दिए हैं। मार्च 2026 में लागू नए कानून के अनुसार, बिना परमिट के शेयर्ड हाउसिंग चलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 5 लाख दिर्हाम से लेकर 10 लाख दिर्हाम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह नियम दुबई के सभी इलाकों और फ्री जोन में लागू किया गया है ताकि लोगों की सुरक्षा और बेहतर रहन-सहन सुनिश्चित किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या दुबई के होटल अपार्टमेंट में रहने वालों के लिए Ejari आवश्यक है?

नहीं, होटल अपार्टमेंट में रहने वालों के लिए Ejari रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती है। वे वहां गेस्ट या शॉर्ट-टर्म एग्रीमेंट के तहत रहते हैं।

क्या होटल अपार्टमेंट के किराए में बढ़ोतरी के खिलाफ रेंटल कोर्ट में शिकायत की जा सकती है?

नहीं, होटल अपार्टमेंट्स का किराया RERA Rental Index के दायरे में नहीं आता है। इसलिए किराए में बढ़ोतरी के खिलाफ रेंटल डिस्प्यूट्स सेंटर में शिकायत दर्ज नहीं कराई जा सकती।

होटल अपार्टमेंट में विवाद होने पर किस अदालत में जाना पड़ता है?

होटल अपार्टमेंट के विवाद रेंटल कोर्ट की बजाय सामान्य सिविल कोर्ट या उपभोक्ता संरक्षण विभाग की देखरेख में आते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.