संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तथा दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्टूम के निर्देशों पर दुबई ह्यूमैनिटेरियन (DXBH) ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैले इबोला वायरस से निपटने के लिए दूसरी राहत सामग्री भेजी है। इस राहत अभियान के तहत एक विशाल बोइंग 747 विमान के जरिए लगभग 60 टन जरूरी मेडिकल और मानवीय सहायता सामग्री भेजी गई है। यह मदद यूरोपीय संघ (EU) के सहयोग से रवाना की गई है।
दुबई ने इबोला से निपटने के लिए भेजी कितनी मदद?
दुबई रॉयल एयर विंग द्वारा उपलब्ध कराए गए बोइंग 747 विमान से करीब 60 मीट्रिक टन मेडिकल और मानवीय राहत सामग्री भेजी गई है। इस मदद को युगांडा के रास्ते कांगो पहुंचाया गया। इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ (UNICEF) और यूनाइटेड नेशंस ह्यूमैनिटेरियन रिस्पांस डिपो (WFP-UNHRD) की तरफ से भेजी गई दवाएं और जरूरी उपकरण शामिल हैं। दुबई ह्यूमैनिटेरियन ने एक हफ्ते के भीतर ही यह दूसरी राहत उड़ान भेजी है।
इस राहत अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
इस पूरे ऑपरेशन को यूरोपीय आयोग के नागरिक सुरक्षा और मानवीय सहायता संचालन महानिदेशालय (DG ECHO) के साथ मिलकर अंजाम दिया गया है। दुबई ह्यूमैनिटेरियन के सीईओ ग्यूसेप साबा ने बताया कि यह कदम यूरोपीय संघ के साथ पिछले साल हस्ताक्षरित प्रशासनिक समझौते का हिस्सा है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर मानवीय कार्यों को तेजी से और प्रभावी तरीके से पूरा करना है। यूरोपीय संघ के महानिदेशक मैसीज पोपोवस्की ने इस त्वरित मदद की सराहना की है और प्रभावित समुदायों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दुबई ने कांगो के लिए किस विमान से राहत सामग्री भेजी है?
दुबई ने इस मिशन के लिए दुबई रॉयल एयर विंग के बोइंग 747 विमान का इस्तेमाल किया, जिसमें लगभग 60 टन सामग्री लोड की गई थी।
यह मदद किस रास्ते से भेजी गई और इसमें कौन से संगठन शामिल थे?
यह मदद युगांडा के रास्ते भेजी गई। इसमें डब्ल्यूएचओ (WHO), यूनिसेफ (UNICEF) और डब्ल्यूएफपी-यूएनएचआरडी (WFP-UNHRD) जैसे बड़े संगठन शामिल थे।
