दुबई के इस्लामिक अफेयर्स एंड चैरिटेबल एक्टिविटीज डिपार्टमेंट (IACAD) ने एक नई पहल शुरू की है। अब लोगों को सरकारी कामों के लिए सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी। इस ‘बिना सर्विस सेंटर वाला विभाग’ पहल से सभी सेवाएं डिजिटल हो जाएंगी जिससे समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
इस प्रोग्राम का मुख्य मकसद सरकारी कामकाज के तरीके को बदलना है। अब ग्राहक बिना दफ्तर जाए अपनी जरूरत की सेवाएं ले सकेंगे। इसमें कस्टमर हैप्पीनेस टीम से सीधे बात करने और तुरंत डिजिटल जवाब पाने की सुविधा मिलेगी। विभाग का लक्ष्य है कि जिन सेवाओं को इस पहल में शामिल किया गया है, उनमें से 100 प्रतिशत काम ऑनलाइन ही हों।
ये सेवाएं मिलेंगी ऑनलाइन
IACAD की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए अब कई जरूरी काम घर बैठे हो सकेंगे, जैसे:
- फतवा सेवाएं: धार्मिक मामलों पर राय और मार्गदर्शन लेना।
- नमाज़ से जुड़ी सेवाएं: नमाज़ का समय देखना, दुबई में मस्जिद खोजना और किबला की दिशा जानना।
- पारिवारिक परामर्श: परिवार से जुड़े मसलों पर सलाह लेना।
- चैरिटी और दान: मस्जिदों के लिए दान देना और मान्यता प्राप्त चैरिटी संस्थाओं की लिस्ट देखना।
- इस्लामिक शिक्षा: इस्लाम स्वीकार करने का सर्टिफिकेट लेना और ई-किताबें पढ़ना।
- लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन: इस्लामिक संस्थानों और कुरान सेंटर के लिए लाइसेंस लेना।
प्रोजेक्ट मैनेजर हाजर अली अल सुवैदी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सरकारी सेवाओं को देने के तरीके में एक बड़ा बदलाव है। इससे ग्राहकों को सही समय और सही जगह पर सेवाएं मिलेंगी और उनका अनुभव आसान होगा।
डिजिटल सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए साझेदारी
IACAD ने अपने डिजिटल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए Moro Hub के साथ हाथ मिलाया है। Moro Hub ने विभाग के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को क्लाउड पर शिफ्ट करने में मदद की है। इसके अलावा, जुलाई 2025 में IACAD ने Parkin कंपनी के साथ एक समझौता किया। इसके तहत मस्जिदों के आसपास स्मार्ट पार्किंग की सुविधा शुरू की जाएगी ताकि नमाजियों को पार्किंग में परेशानी न हो। यह सुविधा अगस्त 2025 से लागू होने वाली है।
विभाग के डायरेक्टर जनरल डॉ. हमद अल शेख अल शैबनी ने कहा कि दुबई सरकार के विजन के मुताबिक विभाग पूरी तरह डिजिटल होने की दिशा में काम कर रहा है। साल 2025 की पहली तिमाही में विभाग को 13,500 से ज्यादा सर्विस रिक्वेस्ट मिलीं, जिनमें सबसे ज्यादा मांग पर्सनल फतवा सर्विस की थी।
