Dubai और India के बीच व्यापार ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, साल 2025 में आंकड़ा पहुंचा 2,22,500 करोड़ रुपये के पार।

Aanya24 August 20263 min read40 viewsUAE
Dubai और India के बीच व्यापार ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, साल 2025 में आंकड़ा पहुंचा 2,22,500 करोड़ रुपये के पार।

दुबई और भारत के बीच आर्थिक रिश्ते दिन-प्रतिदिन बहुत मजबूत होते जा रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 के दौरान दुबई चैंबर्स के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Mohammad Ali Rashed Lootah ने दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार और निवेश पर खुलकर बात की। इस कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और दुनिया भर के कई बड़े कारोबारी नेता भी मौजूद थे। अधिकारी ने बताया कि कैसे पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच कारोबार में भारी उछाल आया है और आने वाले समय में यह साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूने वाली है।

व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी और भारत की स्थिति

आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में दुबई का गैर-तेल व्यापार भारत के साथ बढ़कर अपने सबसे ऊपरी स्तर यानी AED 222.5 billion यानी करीब 2,22,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल के मुकाबले इसमें पूरे 15 प्रतिशत की सीधी बढ़त दर्ज की गई है। अगर पिछले दस सालों की बात करें तो दोनों देशों के बीच आपसी कारोबार में 136.2 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है, क्योंकि साल 2016 में यह आंकड़ा सिर्फ AED 94.2 billion था। इन आंकड़ों से साफ है कि भारत आज भी दुबई का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। अब यह व्यापार सिर्फ पारंपरिक चीजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी Agentic AI और डिजिटल इकोनॉमी जैसे नए और आधुनिक सेक्टर भी तेजी से जुड़ रहे हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

भारतीय कंपनियों का दुबई में बढ़ता दायरा

व्यापार के साथ-साथ दुबई में भारतीय कारोबारियों और कंपनियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। साल 2026 के पहले छह महीनों यानी जनवरी से जून के बीच कुल 7,579 नई भारतीय कंपनियों ने दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स में अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके साथ ही जून 2026 के आखिर तक दुबई में कुल सक्रिय भारतीय कंपनियों की संख्या बढ़कर 85,841 हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा है। इन कंपनियों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी व्यापार और सेवाओं यानी ट्रेड एंड सर्विसेज की है जो करीब 45 प्रतिशत है। इसके बाद रियल एस्टेट, लीजिंग और बिजनेस सर्विसेज की हिस्सेदारी 27.3 प्रतिशत है और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत है।

निवेश और CEPA समझौते का असर

साल 2016 से 2025 के बीच के निवेश आंकड़ों पर नजर डालें तो दुबई ने भारत से लगभग AED 32.3 billion का निवेश आकर्षित किया है, जिसमें अकेले साल 2025 में आया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI AED 8.4 billion रहा है। इसके उलट, दुबई की कंपनियों ने भी इसी दस साल की अवधि में भारत के अंदर 147 प्रोजेक्ट्स में AED 34.1 billion का निवेश किया है। इस निवेश की बदौलत भारत में 55,274 नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इस पूरी सफलता के पीछे मुख्य वजह भारत और यूएई के बीच हुआ CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) समझौता है, जो मई 2022 से लागू हुआ था। इस समझौते के बाद से दोनों देशों के गैर-तेल व्यापार में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में दुबई सरकार निजी सेक्टर में Agentic AI, डीप टेक और फिनटेक जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा मजबूत होंगे।

Share:

Comments

Leave a comment