दुबई के इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक सेक्टर में इस साल की पहली छमाही में बड़ी तेजी देखी गई है। Knight Frank की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में यहां की मांग बढ़कर 1.23 करोड़ स्क्वायर फीट हो गई है, जो पिछले साल इसी समय 1.15 करोड़ स्क्वायर फीट थी। बाजार में नए स्टॉक आने से मांग और सप्लाई का तालमेल अब बेहतर हो रहा है।

इंडस्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग का बढ़ा दबदबा

इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री है, जिसका कुल मांग में 35.1% हिस्सा रहा। इसके बाद 15.5% हिस्सेदारी लॉजिस्टिक सेक्टर की रही। लोग अब बड़े गोदामों की तलाश कर रहे हैं, क्योंकि 35.5% डिमांड 10,001 से 50,000 स्क्वायर फीट की जगह के लिए थी।

किराए और इलाकों का हाल

दुबई में अलग-अलग इलाकों में किराए का गणित अलग है। Al Quoz फिलहाल सबसे महंगा इलाका बना हुआ है, जहां किराया $24.50 (AED 90) प्रति स्क्वायर फीट है। वहीं, Dubai South में सबसे ज्यादा 22% की सालाना ग्रोथ देखी गई है और वहां का किराया $14.98 (AED 55) प्रति स्क्वायर फीट पर पहुंच गया है।

भविष्य और चुनौतियां

साल 2026 में करीब 66 लाख स्क्वायर फीट नया इंडस्ट्रियल स्टॉक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। हालांकि, UAE Central Bank ने 21 जुलाई 2026 के अपने अपडेट में इस साल की विकास दर के अनुमान को 5.6% से घटाकर 1.7% कर दिया है, जिसके पीछे क्षेत्रीय व्यापार और टूरिज्म पर असर को वजह बताया गया है। लेकिन अच्छी बात यह है कि 2027 में फिर से 9.8% की जोरदार वापसी की उम्मीद जताई गई है। दुबई साउथ जैसे मुख्य इलाकों में अच्छे गोदामों की कमी के चलते ऑक्यूपेंसी रेट 96% तक पहुंच चुका है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.