दुबई जाने वाले मरीजों और प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। दुबई सरकार ने इलाज के लिए आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए एक नया ‘स्मार्ट मेडिकल वीजा’ सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ रेजिडेंसी एंड फॉरेनर्स अफेयर्स (GDRFA Dubai) और दुबई हेल्थ अथॉरिटी (DHA) के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब मरीजों को लंबी कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी और उनका इलाज बिना किसी देरी के बेहद तेजी से शुरू हो सकेगा।

नए स्मार्ट मेडिकल वीज़ा से मरीजों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

इस नए स्मार्ट मेडिकल वीज़ा सिस्टम को पूरी तरह से डिजिटल बनाया जा रहा है ताकि मरीजों का अनुभव आसान हो सके। इसके तहत मिलने वाली मुख्य सुविधाएं इस प्रकार हैं:

  • सिंगल डिजिटल गेटवे: मरीजों को वीज़ा आवेदन करने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि वे एक ही पोर्टल से सब कुछ कर सकेंगे।
  • दस्तावेज अपलोड और ट्रैकिंग: मरीज सीधे पोर्टल पर अपने मेडिकल दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे और अपने वीज़ा आवेदन की प्रगति को लाइव ट्रैक कर सकेंगे।
  • इलाज का पहले से पता चलना: दुबई यात्रा करने से पहले ही मरीज को उसके इलाज का खर्च, अस्पताल का अपॉइंटमेंट और लगने वाले समय की पूरी जानकारी मिल जाएगी।

दुबई में फिलहाल मेडिकल टूरिज्म वीज़ा के क्या नियम हैं?

दुबई में वर्तमान में चल रहे नियमों के अनुसार इलाज के लिए आने वाले लोगों को कुछ शर्तों का पालन करना होता है:

  • दुबई में फिलहाल 90 या 180 दिनों के लिए मेडिकल टूरिज्म वीज़ा दिया जाता है।
  • इसमें सिंगल-एंट्री और मल्टीपल-एंट्री दोनों तरह के विकल्प उपलब्ध होते हैं।
  • इलाज की अवधि बढ़ने पर इस वीज़ा को रिन्यू कराने की सुविधा भी मिलती है।
  • मरीज के साथ आने वाले परिवार के सदस्य या देखभाल करने वाले व्यक्ति के लिए साथी (कंपेनियन) वीज़ा भी मिलता है, जिसे मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एक बार आगे बढ़ाया जा सकता है।
  • मौजूदा नियम के तहत मरीज का स्पॉन्सर दुबई का कोई मान्यता प्राप्त अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र होना जरूरी है।

इस फैसले पर अधिकारियों और विशेषज्ञों का क्या कहना है?

मेडकेयर हॉस्पिटल्स एंड मेडिकल सेंटर्स की ग्रुप सीईओ डॉ. शनीला लैजू ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि एक स्मार्ट मेडिकल वीज़ा प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य मरीज के सफर को तनावमुक्त बनाना होना चाहिए। आज के समय में लोग हर क्षेत्र की तरह स्वास्थ्य सेवाओं में भी डिजिटल सुविधा की उम्मीद करते हैं।

GDRFA दुबई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अहमद अल मैरी ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य एक ऐसा लचीला और आसान सिस्टम तैयार करना है जो निवास और स्वास्थ्य सेवाओं को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ता है। वहीं, DHA के महानिदेशक डॉ. अलावी शेख अली ने बताया कि यह समझौता दुबई को वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और चिकित्सा पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुबई का नया स्मार्ट मेडिकल वीज़ा क्या है?

यह दुबई सरकार की एक नई डिजिटल पहल है जिसके तहत विदेश से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई के बेहद तेजी से और आसानी से मेडिकल वीज़ा मिल सकेगा।

दुबई में मेडिकल टूरिज्म वीज़ा कितने दिनों के लिए मिलता है?

दुबई में फिलहाल इलाज के लिए 90 या 180 दिनों का मेडिकल वीज़ा मिलता है, जिसमें ज़रूरत पड़ने पर अवधि बढ़ाने की सुविधा भी शामिल है।