दुबई ने अपनी अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए ‘Dubai-it’ नाम की एक नई पहल शुरू की है। यह कोई साधारण सरकारी प्रोग्राम नहीं है, बल्कि काम करने का एक नया नजरिया है जिसमें तेज़ी और क्वालिटी पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया गया है। इसे दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने लॉन्च किया है ताकि दुबई की तरक्की की रफ्तार को और बढ़ाया जा सके।

इस नई सोच के पीछे मुख्य मकसद यह है कि दुबई के काम करने के खास तरीके को अगली पीढ़ी तक पहुँचाया जाए। सरकार चाहती है कि सभी सरकारी दफ्तरों और प्राइवेट कंपनियों में यह कल्चर आए, ताकि काम रिकॉर्ड समय में पूरा हो और उसके नतीजे साफ़ दिखें। शेख मोहम्मद ने साफ़ कहा है कि तेज़ी का मतलब जल्दबाजी नहीं है और क्वालिटी का मतलब सुस्ती नहीं है।

अर्थव्यवस्था और टूरिज्म पर क्या असर होगा

इस पहल से दुबई की इकोनॉमी और टूरिज्म सेक्टर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। यह कदम ‘दुबई इकोनॉमिक एजेंडा D33’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2033 तक दुबई की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है। इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और दुनिया भर के काबिल लोग यहाँ आकर बसेंगे और काम करेंगे।

टूरिज्म के मामले में भी बड़ा लक्ष्य रखा गया है। UAE टूरिज्म स्ट्रैटेजी 2031 के तहत साल 2031 तक 40 मिलियन होटल मेहमानों को दुबई बुलाने और जीडीपी में 450 अरब दिरहम का योगदान देने की तैयारी है। इससे दुबई दुनिया के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी जगह और मजबूत करेगा।

अधिकारियों ने क्या कहा

दुबई इकोनॉमी एंड टूरिज्म (DET) के डायरेक्टर जनरल हेलल सईद अलमरी ने बताया कि यह पहल शासक की दूरदर्शिता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ रणनीति बनाने से काम नहीं चलता, बल्कि उसे तेज़ी और सटीकता से लागू करना असली उपलब्धि है। DET अब इसी कल्चर पर काम कर रहा है ताकि दुबई दुनिया का सबसे बड़ा बिजनेस और टूरिज्म हब बन सके।

इनाम और पढ़ाई में शामिल होगा नया तरीका

इस काम करने के तरीके को बढ़ावा देने के लिए दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने ‘Dubai-it Award’ की शुरुआत की है। यह अवॉर्ड उन लोगों और संस्थाओं को दिया जाएगा जो बेहतरीन तरीके से काम पूरा करेंगे। साथ ही, बड़े विश्वविद्यालयों के MBA और एग्जीक्यूटिव कोर्स में भी इस मॉडल को पढ़ाया जाएगा ताकि आने वाले समय के लीडर्स इसे सीख सकें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.