दुबई की जेलों में बंद विदेशी नागरिकों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और सख्त कानूनों को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने बड़े सवाल उठाए हैं। हाल ही में कई ब्रिटिश नागरिकों को दुबई में हिरासत में लिया गया, जिसके बाद मानवाधिकार संस्थाओं ने प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस संवेदनशील मामले में ब्रिटिश दूतावास और स्थानीय अधिकारियों की तरफ से पर्यटकों और प्रवासियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं ताकि लोग अनजाने में किसी बड़ी मुसीबत में न फंसें।

दुबई में किन गलतियों की वजह से जेल जा रहे हैं लोग?

यूएई में सोशल मीडिया और सुरक्षा से जुड़े कानून बेहद सख्त हैं और इनका उल्लंघन करने पर सीधी कार्रवाई की जाती है। हाल ही में अप्रैल 2026 में एक 25 वर्षीय ब्रिटिश फ्लाइट अटेंडेंट को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले की तस्वीरें शेयर करने के आरोप में पकड़ा गया था। हालांकि, बाद में उन्हें राजनयिक प्रयासों के बाद रिहा कर दिया गया। इसी तरह, मार्च 2026 में एक 60 वर्षीय ब्रिटिश पर्यटक को दुबई में ईरानी मिसाइलों का वीडियो बनाने के आरोप में साइबर अपराध कानून के तहत हिरासत में लिया गया था।

कानूनी सहायता देने वाली संस्था ‘डिटेन्ड इन दुबई’ के अनुसार, हाल के हफ्तों में लगभग 70 ब्रिटिश नागरिकों पर इसी तरह के मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई है, जिनमें से 21 लोगों पर सीधे तौर पर साइबर अपराध के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ऐसे मामलों में आम प्रवासियों और पर्यटकों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि बिना सोचे-समझे बनाई गई तस्वीरें जेल का रास्ता दिखा सकती हैं।

प्रताड़ना के आरोप और यूएई के सख्त आधिकारिक नियम

मानवाधिकार संगठन ‘डिटेन्ड इन दुबई’ की सीईओ राधा स्टर्लिंग ने बताया है कि हिरासत में दुर्व्यवहार और क्रूरता की खबरें लगातार मिल रही हैं। हाल ही में एक ब्रिटिश नागरिक अल्बर्ट ने भी जेल में मारपीट का आरोप लगाया था, जिसके बाद ब्रिटिश सांसदों और डाउनिंग स्ट्रीट तक यह मामला उठाया गया।

दूसरी ओर, यूएई प्रशासन ने इन कड़े नियमों को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बताया है। यूएई के अधिकारियों के अनुसार, ये नियम आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं और देश में आने वाले सभी पर्यटकों को इन गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन करना चाहिए।

यूएई साइबर कानून के तहत सजा:

  • सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी जानकारी, तस्वीर या वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
  • इस नियम का उल्लंघन करने पर कम से कम दो साल की जेल हो सकती है।
  • इसके साथ ही 200,000 यूएई दिरहम (लगभग 54,000 अमेरिकी डॉलर) का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

ब्रिटिश दूतावास और विदेश मंत्रालय ने प्रवासियों को सलाह दी है कि वे सरकारी इमारतों, सैन्य ठिकानों या किसी भी घटना स्थल की तस्वीरें बिल्कुल न लें, क्योंकि ऐसा करने पर गिरफ्तारी, भारी जुर्माना या निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में संवेदनशील जगहों की तस्वीरें लेने पर क्या सजा हो सकती है?

यूएई के साइबर कानून के मुताबिक, सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाली तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने पर कम से कम दो साल की जेल और 200,000 यूएई दिरहम का भारी जुर्माना लग सकता है।

पर्यटकों और प्रवासियों को दुबई में किन चीजों की तस्वीरें लेने से बचना चाहिए?

पर्यटकों और प्रवासियों को सरकारी इमारतों, सैन्य क्षेत्रों, हवाई अड्डों के पास, या किसी भी आपातकालीन घटना स्थल की तस्वीरें और वीडियो लेने से पूरी तरह बचना चाहिए।