दुबई अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठा रहा है। मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम लाइब्रेरी फाउंडेशन ने ‘दुबई आर्काइव’ प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट का मकसद शहर के पुराने रिकॉर्ड्स और सरकारी दस्तावेज़ों को एक आधुनिक डिजिटल सिस्टम में सुरक्षित रखना है ताकि आने वाली पीढ़ियां इन्हें देख सकें।
दुबई आर्काइव प्रोजेक्ट क्या है और इसे किसने शुरू किया?
इस नेशनल प्रोजेक्ट को 18 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया। मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम लाइब्रेरी फाउंडेशन के चेयरमैन मोहम्मद अहमद अल मुर ने इस मौके पर जानकारी दी कि यह प्रोजेक्ट केवल कागज़ात जमा करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह दुबई की यादों और फैसलों को सुरक्षित रखने का एक तरीका है। इस काम के लिए ONE ECM को टेक्निकल पार्टनर बनाया गया है, जो इस पूरे डिजिटल सिस्टम को चलाने और विकसित करने की जिम्मेदारी संभालेगा।
नए कानून और AI तकनीक का इस्तेमाल
इस प्रोजेक्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है, जिससे दस्तावेज़ों को ढूंढना और उन्हें सुरक्षित रखना आसान होगा। साथ ही, अल मकतूम आर्काइव्स कॉर्पोरेशन के लिए एक नया कानून भी बनाया गया है। इस कानून के तहत:
- दुबई के सभी सरकारी विभागों को अपने पास मौजूद ऐतिहासिक दस्तावेज़ एक साल के अंदर रजिस्टर कराने होंगे।
- बिना लिखित अनुमति के किसी भी ऐतिहासिक दस्तावेज़ को नष्ट करना मना है।
- यह सिस्टम सरकारी कामकाज की कुशलता बढ़ाएगा और भविष्य की प्लानिंग में मदद करेगा।
किन विभागों के साथ शुरू हुआ यह काम?
इस प्रोजेक्ट के पायलट फेज में कई बड़े सरकारी विभागों ने हाथ मिलाया है। इनमें दुबई नगर पालिका (Dubai Municipality), मोहम्मद बिन राशिद हाउसिंग एस्टेब्लिशमेंट, इस्लामिक अफेयर्स एंड चैरिटेबल एक्टिविटीज डिपार्टमेंट और डिजिटल दुबई शामिल हैं। इन सभी ने सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं के बीच तालमेल बेहतर हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दुबई आर्काइव प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दुबई के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और सरकारी दस्तावेज़ों को AI तकनीक के जरिए डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना है ताकि नेशनल मेमोरी बनी रहे।
ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के लिए नया नियम क्या है?
नए कानून के मुताबिक, दुबई की सभी संस्थाओं को अपने ऐतिहासिक दस्तावेज़ एक साल के भीतर अल मकतूम आर्काइव्स में रजिस्टर करने होंगे और बिना मंजूरी के उन्हें नष्ट नहीं किया जा सकता।
