दुबई अब दुनिया का ऐसा केंद्र बनेगा जहाँ लोग ज़्यादा समय तक स्वस्थ और जवान रह सकें। इसके लिए दुबई के शासक ने एक नई संस्था बनाई है जो सेहत और लंबी उम्र से जुड़ी नई तकनीकों पर काम करेगी। अब बीमारियों के इलाज से ज़्यादा उन्हें रोकने और बचाव करने पर ज़ोर दिया जाएगा।
क्या है Dubai Longevity Authority (DLA)
10 जून 2026 को दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कानून नंबर (17) जारी किया। इसके तहत Dubai Longevity Authority (DLA) का गठन किया गया। इस संस्था का मुख्य काम दुबई को दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ और वेलनेस हब बनाना है ताकि लोगों की ज़िंदगी की गुणवत्ता और स्वस्थ जीवन की अवधि बढ़ सके।
कौन संभालेगा कमान
सरकार ने इस नई अथॉरिटी के लिए बड़े अधिकारियों की नियुक्ति की है:
- प्रेसिडेंट: शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम को DLA का प्रेसिडेंट बनाया गया है।
- चेयरमैन: हेलल सईद अलमरी को इस संस्था का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
इस काम में Dubai Health Authority, Dubai Health, Dubai Municipality और Dubai Future Foundation जैसी सरकारी संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।
अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ रहने और लंबी उम्र की इस मुहिम से अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होगा। IMF के मुताबिक इससे सालाना GDP में 0.4% की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे UAE को हर साल करीब 25 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।
बदलेगा इलाज का तरीका
अब अस्पतालों का फोकस पुरानी बीमारियों के इलाज के बजाय उन्हें रोकने और हेल्दी एजिंग पर होगा। इसमें GLP-1 जैसी आधुनिक दवाओं और नई थेरेपी का इस्तेमाल किया जाएगा।
DLA रिसर्च, क्लीनिकल ट्रायल और दवाइयों के निर्माण से लेकर मरीज की देखभाल तक के पूरे सिस्टम के लिए नियम बनाएगी। इससे दुनिया भर के डॉक्टर और निवेशक दुबई आएंगे। अमेरिका की Aspire Rejuvenation जैसी बड़ी क्लीनिक ग्रुप भी अब दुबई में अपनी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहे हैं। यह कदम दुबई के इकोनॉमिक एजेंडा (D33) और सोशल एजेंडा 33 के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा।
