दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने एक नया कानून जारी किया है जिसके तहत दुबई लॉन्गेविटी अथॉरिटी (Dubai Longevity Authority) का गठन किया गया है। 10 जून 2026 को जारी कानून संख्या (17) के तहत इस नई अथॉरिटी को स्थापित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य दुबई को उन्नत स्वास्थ्य देखभाल, चिकित्सा अनुसंधान और वेलनेस के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनाना है। इस अथॉरिटी की कमान खुद दुबई के क्राउन प्रिंस संभालेंगे।

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आखिर क्यों बनाई गई है दुबई लॉन्गेविटी अथॉरिटी?

दुबई लॉन्गेविटी अथॉरिटी का मुख्य काम स्वास्थ्य और लंबी उम्र से जुड़े इलाज, रिसर्च और नए आविष्कारों के लिए एक सुरक्षित नियम कानून तैयार करना है। यह संस्था रिसर्च और डेवलपमेंट, क्लिनिकल ट्रायल, दवाओं के निर्माण और मरीजों की देखभाल से जुड़ी सभी गतिविधियों को लाइसेंस देगी और उनकी निगरानी करेगी। इसका उद्देश्य दुबई के आर्थिक एजेंडे D33 और सामाजिक एजेंडे 33 को मजबूत करना है, ताकि लोगों के जीवन स्तर को सुधारा जा सके और सेहतमंद जीवन जीने की उम्र बढ़ाई जा सके।

किसे मिली है इस नई संस्था की जिम्मेदारी?

डिक्री नंबर (14) के तहत दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम को इस अथॉरिटी का प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही डिक्री नंबर (15) के तहत दुबई अर्थव्यवस्था और पर्यटन विभाग के महानिदेशक हेलाल सईद अलमरी को इसका चेयरमैन बनाया गया है। यह अथॉरिटी दुबई हेल्थ अथॉरिटी, दुबई हेल्थ, दुबई नगर पालिका और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार काम करेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुबई लॉन्गेविटी अथॉरिटी का गठन कब और किस कानून के तहत हुआ?

इस अथॉरिटी का गठन 10 जून 2026 को शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा जारी कानून संख्या (17) के तहत किया गया है।

इस नई अथॉरिटी का प्रेसिडेंट किसे नियुक्त किया गया है?

डिक्री नंबर (14) के तहत दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम को इस अथॉरिटी का प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है।