दुबई की एक अदालत ने एक व्यक्ति को 17 लाख दिरहम (करीब 4,63,000 अमेरिकी डॉलर) वापस करने का कड़ा आदेश दिया है। यह मामला धोखाधड़ी का है जिसमें आरोपी ने चेक पर ऐसी स्याही का इस्तेमाल किया जो कुछ ही देर में गायब हो जाती है। इस घटना ने एक बार फिर से यूएई में ‘मैजिक इंक’ स्कैम के प्रति लोगों को सावधान कर दिया है।

कैसे काम करता है यह फ्रॉड

धोखाधड़ी करने वाले लोग ऐसे पेन का उपयोग करते हैं जिसमें भरी हुई स्याही कुछ मिनटों या घंटों में अपने आप गायब हो जाती है। अक्सर लोग बैंक लोन या किसी जरूरी काम के लिए ऐसे लोगों के पास जाते हैं। धोखेबाज व्यक्ति पीड़ित से चेक पर साइन करवाता है और उसमें सारी जानकारी खुद भरता है। कुछ समय बाद लिखी हुई सारी जानकारी गायब हो जाती है और केवल पीड़ित के असली हस्ताक्षर रह जाते हैं, जिससे फ्रॉड करने वाला व्यक्ति अपने हिसाब से रकम और नाम बदलकर बैंक से पैसे निकाल लेता है।

दुबई पुलिस की चेतावनी

दुबई पुलिस के अनुसार, वे चेक या किसी भी कानूनी दस्तावेज पर साइन करने के लिए हमेशा अपने खुद के पेन का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी और के द्वारा भरे हुए चेक पर कभी भी आंख मूंदकर भरोसा न करें और साइन न करें। पुलिस का Documents Scan Section एडवांस तकनीक और रेडिएशन का उपयोग करके इन घोटालों का पता लगाता है और सबूत जुटाता है।

यूएई में भले ही चेक बाउंस के नियमों में बदलाव हुए हों, लेकिन अगर धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी को ठगने की साफ मंशा पाई जाती है, तो उसे गंभीर अपराध माना जाता है। साल 2019 में ऐसे ही एक मामले में एक बैंक कर्मचारी को 10 साल की जेल और 10 लाख दिरहम जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.