दुबई में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर आई है। दुबई मेट्रो की नई ‘ब्लू लाइन’ के टनल बनाने का पहला काम रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है। Roads and Transport Authority (RTA) ने बताया कि यह काम सिर्फ दो महीनों में खत्म हुआ है, जिससे प्रोजेक्ट की रफ़्तार काफी बढ़ गई है।

इस काम को पूरा करने के लिए Al Wugeisha नाम की एक नई पीढ़ी की टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। यह मशीन करीब 2,000 टन भारी और 163 मीटर लंबी है। इसकी मदद से खुदाई की रफ़्तार इतनी बढ़ी कि अब रोज़ाना लगभग 30 मीटर खुदाई हो रही है, जो 2007 के पुराने प्रोजेक्ट के मुकाबले दोगुनी से भी ज़्यादा है।

RTA के डायरेक्टर जनरल Mattar Al Tayer ने कन्फर्म किया कि प्रोजेक्ट तय समय के मुताबिक आगे बढ़ रहा है। अभी तक करीब 20% काम पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि 2026 के अंत तक यह 30% तक पहुँच जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 20.5 अरब दिरहम (लगभग 5.6 अरब डॉलर) है।

दुबई मेट्रो ब्लू लाइन 9 सितंबर 2029 को चालू होगी। यह तारीख इसलिए चुनी गई है क्योंकि इसी दिन मूल दुबई मेट्रो को शुरू हुए 20 साल पूरे होंगे। यह लाइन कुल 30 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें से 15.5 किलोमीटर ज़मीन के नीचे और 14.5 किलोमीटर ऊपर होगी। इसमें कुल 14 स्टेशन होंगे, जिनमें से तीन इंटरचेंज स्टेशन होंगे।

इस लाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोग दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ 20 मिनट में पहुँच सकेंगे। साथ ही, इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव 20% तक कम होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट को बनाने का ठेका Mapa-Limak-China Railway Rolling Stock Corporation (CRRC) को मिला है और AtkinsRealis और Parsons Corporation मैनेजमेंट देख रहे हैं। इस बड़े काम में लगभग 10,000 इंजीनियर और मज़दूर जुटे हुए हैं, जिनकी देखरेख 180 रेल एक्सपर्ट कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.