दुबई में अगर कोई व्यक्ति अपने होम लोन की किस्त नहीं चुका पाता है, तो बैंक सीधे उसका घर नहीं छीन सकता। इसके लिए बैंकों को कानूनी रास्ता अपनाना होगा और कोर्ट से मंजूरी लेनी होगी। यह पूरी प्रक्रिया काफी लंबी होती है, जिससे कर्ज लेने वाले व्यक्ति को अपना मामला सुलझाने का समय मिल जाता है।
दुबई के नियमों और Federal Law No. 14 of 2008 के मुताबिक, बैंक अपनी मर्जी से प्रॉपर्टी पर कब्जा नहीं कर सकते। आमतौर पर जब कोई व्यक्ति 30 से 90 दिनों तक किस्त नहीं चुकाता, तब बैंक उसे डिफॉल्ट माना जाता है। इसके बाद बैंक पूरे बकाया पैसे को एक साथ चुकाने की मांग कर सकता है।
किस्त चूकने से लेकर घर की नीलामी तक में करीब 12 से 24 महीने का समय लगता है। इस दौरान बैंक पहले अपने कलेक्शन टीम के जरिए बात करता है ताकि पेमेंट प्लान बनाया जा सके। अगर फिर भी पैसा नहीं मिलता, तो बैंक औपचारिक डिफॉल्ट नोटिस भेजता है और फिर कोर्ट में केस करता है। कोर्ट के आदेश के बिना पब्लिक नीलामी नहीं की जा सकती। नीलामी के बाद अगर कर्ज से ज्यादा पैसा मिलता है, तो वह मालिक को वापस कर दिया जाता है, लेकिन अगर पैसा कम पड़ता है, तो मालिक को बाकी रकम चुकानी होगी।
जरूरी नियम और बदलाव
UAE सेंट्रल बैंक, दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) और RERA जैसी संस्थाएं इन नियमों की निगरानी करती हैं। हाल ही में खराब मौसम से प्रभावित लोगों के लिए पर्सनल और कार लोन की किस्तों में छह महीने की छूट देने की बात कही गई है। साथ ही, RERA ने खरीदारों की सुरक्षा के लिए एस्क्रो नियमों को और सख्त कर दिया है।
| विषय | नियम / जानकारी |
|---|---|
| मुख्य कानून | Federal Law No. 14 (2008) और Law No. 19 (2017) |
| डिफॉल्ट समय | 30 से 90 दिनों तक किस्त न देना |
| कुल समय | जब्ती प्रक्रिया में 12 से 24 महीने का समय |
| POW नियम (जून 2026) | पावर ऑफ अटॉर्नी धारक अब सेल पैसा अपने नाम नहीं ले सकेंगे |
| नॉन-रेसिडेंट नियम | बाहर रहने वाले सेलर्स के लिए UAE बैंक अकाउंट अनिवार्य |
| लोन छूट | मौसम की मार झेलने वालों को 6 महीने की मोहलत |
| LTV रेश्यो | लोन लिमिट्स अब पहले से ज्यादा सख्त हो गई हैं |
विशेषज्ञों का कहना है कि लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो में बदलाव के कारण अब लोन मिलना मुश्किल हो गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो UAE से बाहर रहते हैं।
