Dubai में रहने वाले लोगों के लिए सेहत से जुड़ी अच्छी खबर आई है. Dubai Municipality ने खाने-पीने की चीजों में वायरस की जांच के लिए एक खास लैब शुरू की है. इस नए ViruGenetics Lab की मदद से अब खाने में मौजूद खतरनाक वायरस का पता बहुत जल्दी और आसानी से लगाया जा सकेगा.
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ViruGenetics Lab क्या है और यह कैसे काम करेगा?
यह लैब Dubai Central Laboratory का हिस्सा है और इसे 6 मई 2026 को शुरू किया गया था. यह UAE का पहला ऐसा सेंटर है जो खाने में वायरस ढूंढने के लिए genomic technologies का इस्तेमाल करता है. यहाँ रोज़ाना लगभग 60 सैम्पल्स की जांच होगी, लेकिन इमरजेंसी के समय यह क्षमता बढ़कर 100 सैम्पल्स तक जा सकती है. इससे इंस्पेक्शन के काम में तेजी आएगी और सही डेटा के आधार पर फैसले लिए जा सकेंगे.
किन चीजों की जांच होगी और कौन सी तकनीक इस्तेमाल होगी?
इस लैब में digital PCR (dPCR) नाम की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इससे norovirus के साथ-साथ hepatitis A और E जैसे वायरस का पता लगाया जाएगा. यह तकनीक खास तौर पर इन चीजों की जांच के लिए असरदार है:
- दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
- समुद्री मछली और सीफूड
- फलों के जूस
- ताजी सब्जियां और फल
लैब की सभी जांच ISO/IEC 17025 स्टैंडर्ड के हिसाब से की जाएंगी ताकि नतीजों की क्वालिटी और विश्वसनीयता बनी रहे.
आम जनता और रिसर्च को कैसे होगा फायदा?
Dubai Central Laboratory की डायरेक्टर Eng. Hind Mahmoud Ahmed ने बताया कि यह लैब दुबई को फूड सेफ्टी और हेल्थ निगरानी में ग्लोबल लीडर बनाएगी. यह लैब सिर्फ टेस्टिंग नहीं करेगी, बल्कि यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर्स के साथ मिलकर काम भी करेगी. इसका मकसद खाने में आने वाले वायरस का एक नेशनल डेटाबेस तैयार करना है, जिससे अधिकारियों को भविष्य के लिए बेहतर प्लानिंग करने में मदद मिलेगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ViruGenetics Lab का मुख्य काम क्या है?
इस लैब का मुख्य काम खाने में मौजूद norovirus और hepatitis A व E जैसे खतरनाक वायरस की सटीक जांच करना है ताकि लोगों की सेहत सुरक्षित रहे.
यह लैब किन खाद्य पदार्थों की जांच करेगी?
यह लैब मुख्य रूप से डेयरी प्रोडक्ट्स, सीफूड, फलों के जूस और ताजी सब्जियों जैसे जटिल फूड सैम्पल्स की जांच करेगी.