दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शहर की बिल्डिंगों की क्वालिटी और सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए एक नया कानून (Law No. 3 of 2026) जारी किया है। यह कानून 10 मार्च 2026 को जारी किया गया और यह दुबई में बनी सभी नई और पुरानी बिल्डिंगों पर लागू होगा। इससे पहले पब्लिक सेफ्टी को लेकर भी एक कानून (Law No. 2 of 2026) जारी किया गया था जिसमें भारी जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। इन नए नियमों का सीधा असर दुबई में रहने वाले लाखों प्रवासियों और प्रॉपर्टी मालिकों पर पड़ेगा।

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नए कानून में क्या हैं मुख्य नियम?

नए कानून के तहत बिल्डिंग के मालिकों को अब कुछ सख्त नियमों का पालन करना होगा। यह नियम ऑफिशियल गजट में पब्लिश होने के 60 दिनों के बाद लागू हो जाएंगे।

  • Quality and Safety Certificate: अब सभी प्रॉपर्टी मालिकों को अपनी बिल्डिंग के लिए यह सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा।
  • लाइसेंस प्राप्त इंजीनियरिंग फर्म: यह सर्टिफिकेट केवल मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कंपनियों द्वारा बिल्डिंग की जांच करने के बाद ही दिया जाएगा।
  • सभी जगह लागू: यह नियम फ्री जोन जैसे DIFC और प्राइवेट डेवलपमेंट जोन सहित पूरे दुबई की सभी बिल्डिंगों पर लागू होगा।
  • डिजिटल रिकॉर्ड: Dubai Municipality इसके लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाएगी जहां सभी बिल्डिंग का सेफ्टी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।

नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?

पब्लिक सेफ्टी के लिए 6 मार्च 2026 को जारी किए गए Law No. 2 के तहत जुर्माने की पूरी लिस्ट तय की गई है। यह सेफ्टी नियम 1 जून 2026 से प्रभावी हो जाएंगे।

  • सामान्य जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने पर 500 दिरहम से लेकर 10 लाख दिरहम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • डबल जुर्माना: अगर कोई व्यक्ति एक साल के अंदर वही गलती दोबारा करता है, तो जुर्माना दोगुना होकर 20 लाख दिरहम तक पहुंच सकता है।
  • मालिक की जिम्मेदारी: ऑथोरिटी ने साफ किया है कि बिल्डिंग में किसी भी तरह के नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रॉपर्टी के मालिक की ही होगी। इसके लिए Dubai Municipality जिम्मेदार नहीं होगी।

अपील करने और मेंटेनेंस के क्या नियम हैं?

अगर किसी प्रॉपर्टी मालिक या कंपनी को लगता है कि उन पर गलत जुर्माना लगा है, तो वह इसकी अपील कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 10 वर्किंग दिनों के अंदर एक लिखित अपील जमा करनी होगी। इस अपील पर एक विशेष कमेटी 30 दिनों के भीतर अपना फैसला सुनाएगी। इसके अलावा, जिन बिल्डिंगों में लोग रह रहे हैं, वहां मेंटेनेंस का काम करते समय सेफ्टी के कड़े नियमों का पालन करना होगा। बिजली के काम और किसी भी खतरनाक केमिकल के इस्तेमाल के दौरान ऑथोरिटी की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.