दुबई में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक नया कानून लाया जा रहा है। अब अगर बच्चे ई-स्कूटर का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो उसके लिए उनके माता-पिता को कानूनी तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। दुबई पुलिस का यह कदम लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर लगाम लगाने और हादसों को कम करने के लिए उठाया गया है।

माता-पिता पर क्यों होगी कानूनी कार्रवाई?

दुबई पुलिस के लेफ्टिनेंट जनरल सैफ मुहैर अल मज़रूई ने बताया कि बच्चों को ई-स्कूटर देना उन्हें एक खतरनाक औजार देने जैसा है। अगर माता-पिता की लापरवाही की वजह से बच्चा खुद को या दूसरों को चोट पहुँचाता है, तो अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यह नियम खासकर उन स्कूटरों पर लागू होगा जिन्हें गैरकानूनी तरीके से मॉडिफाई करके उनकी रफ़्तार 120 किमी प्रति घंटे तक बढ़ा दी गई है।

ई-स्कूटर चलाने के क्या हैं नियम और नए बदलाव?

अभी के नियमों के मुताबिक ई-स्कूटर चलाने के लिए कम से कम उम्र 16 साल होनी चाहिए। चलाने वाले को हेलमेट और रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना जरूरी है और साथ में किसी और को बैठाना मना है। ई-स्कूटर की अधिकतम रफ़्तार 20 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए और इसमें आगे और पीछे लाइट लगी होनी चाहिए। अब नए अपडेट के तहत सभी ई-स्कूटर का रजिस्ट्रेशन कराना और नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा ताकि सुरक्षा बढ़ाई जा सके और अपराधों को रोका जा सके।

कितने चालान कटे और कौन कर रहा है निगरानी?

दुबई पुलिस और RTA मिलकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। पुलिस के ‘अवर रोड्स आर सेफ’ अभियान के दौरान भारी संख्या में उल्लंघन पाए गए, जिनका विवरण नीचे दी गई तालिका में है:

वाहन का प्रकार चालान की संख्या
ई-स्कूटर और साइकिल 14,094
मोटरसाइकिल 17,117

इस बीच स्कूलों ने भी सख्त रुख अपनाया है। स्कूल अब कम उम्र के बच्चों से स्कूटर जब्त कर रहे हैं और इन नियमों का उल्लंघन करने वालों की रिपोर्ट अधिकारियों को दी जा रही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.