मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और समुद्री शिपिंग रूट्स में आ रही रुकावटों के बीच दुबई ने व्यापार को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. दुबई और ओमान के बीच एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ शुरू किया गया है ताकि सामान की आवाजाही बिना किसी बाधा के चलती रहे. इस नए सिस्टम की वजह से अब ओमान के बंदरगाहों पर पहुंचने वाला सामान तेजी से कस्टम प्रक्रिया पूरी कर सड़कों के जरिए दुबई पहुंच रहा है.

ग्रीन कॉरिडोर क्या है और इसके नियम क्या हैं?

यह कॉरिडोर क्षेत्रीय संकट शुरू होने के मात्र 72 घंटों के भीतर चालू कर दिया गया था. यह सिस्टम दुबई कस्टम्स के नोटिस नंबर (04/2026) के तहत काम करता है. इसके तहत ओमान के बंदरगाहों पर आने वाले कार्गो के लिए ट्रांजिट घोषणाएं की जाती हैं और शिपिंग एजेंट कंटेनरों को सील करते हैं. इन सील बंद कंटेनरों की निगरानी सीमा चौकियों पर की जाती है ताकि सुरक्षा बनी रहे. हट्टा बॉर्डर क्रॉसिंग (Hatta Border Crossing) पर जरूरी कागजात जमा करने के बाद सामान की क्लीयरेंस की जाती है.

मुख्य विवरण जानकारी
शामिल बंदरगाह Port of Sohar, Port of Salalah और Jebel Ali Port
मुख्य बॉर्डर पॉइंट Hatta Border (UAE) और Al Wajajah (Oman)
प्रभावी समय मार्च 2026 से सक्रिय
मासिक व्यापार मूल्य लगभग AED 8 बिलियन

व्यापार पर असर और अधिकारियों का क्या कहना है?

दुबई कस्टम्स ने 17 मई 2026 को बताया कि इस पहल से माल की मात्रा और कीमत में भारी बढ़ोत्तरी हुई है. एक महीने के भीतर ही लगभग 8 बिलियन दिरहम का सामान इस रास्ते से गुजरा है. दुबई इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के सीईओ Hadi Badri ने कहा कि ईरान संघर्ष की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के विकल्प के तौर पर यह रास्ता खोला गया है. उन्होंने यह भी कहा कि दुबई आज भी वैश्विक निवेशकों के लिए एक सुरक्षित जगह है.

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्थिति

दूसरी ओर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ता जा रहा है. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 14 मई 2026 को कहा कि यह रास्ता सभी जहाजों के लिए खुला है, लेकिन उन्हें ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा. वहीं, ईरानी संसद के इब्राहिम अजीजी ने बताया कि ईरान यहाँ से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने के लिए एक नई व्यवस्था बना रहा है. अमेरिका ने दावा किया है कि उसने कई जहाजों के रास्ते बदले हैं, जबकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इन हमलों की निंदा की है और समुद्री सुरक्षा की मांग की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ग्रीन कॉरिडोर से व्यापारियों को क्या फायदा हो रहा है?

इस कॉरिडोर से समुद्री रास्तों में होने वाली देरी और जोखिम कम हो गया है. अब सामान ओमान के बंदरगाहों से सड़क मार्ग के जरिए तेजी से दुबई पहुंच रहा है.

इस रूट से अब तक कितना व्यापार हुआ है?

दुबई कस्टम्स के अनुसार, इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद एक महीने में लगभग AED 8 बिलियन मूल्य का सामान प्रोसेस किया गया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.