दुबई के पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री जोन कॉर्पोरेशन (PCFC) ने साल 2026 की पहली तिमाही के कामकाज के आंकड़े जारी कर दिए हैं. इस दौरान पोर्ट्स और फ्री जोन में 90 लाख से ज्यादा गाड़ियां दाखिल हुईं. प्रशासन ने Tasreeh सिस्टम के जरिए 8 लाख से ज्यादा एंट्री परमिट भी जारी किए, जिससे कामकाज में काफी तेजी आई.

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पोर्ट्स और फ्री जोन में गाड़ियों की आवाजाही और परमिट

PCFC की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में ऑपरेशनल परफॉरमेंस काफी मजबूत रही. इस समय के दौरान 90 लाख से अधिक वाहन पोर्ट्स और फ्री जोन के अंदर घुसे. गाड़ियों की इस भारी संख्या को मैनेज करने के लिए Tasreeh सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए 8 लाख से ज्यादा एंट्री परमिट दिए गए. इससे निगरानी और कंट्रोल सिस्टम और भी बेहतर तरीके से काम कर पाए.

सुरक्षा व्यवस्था और नियमों का पालन

कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा के मोर्चे पर भी अहम उपलब्धियां हासिल की हैं. पहली तिमाही में कुल 8,633 सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन पूरे किए गए. सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि नियमों के उल्लंघन में 90 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई. साल की शुरुआत में क्षेत्र में कई चुनौतियां थीं, लेकिन इसके बावजूद सभी सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहीं और ग्राहकों को कोई परेशानी नहीं हुई.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Tasreeh सिस्टम क्या है और इसका क्या काम है

Tasreeh एक डिजिटल सिस्टम है जिसका इस्तेमाल पोर्ट्स और फ्री जोन में एंट्री परमिट जारी करने के लिए किया जाता है. 2026 की पहली तिमाही में इस सिस्टम से 8 लाख से ज्यादा परमिट जारी हुए.

PCFC की रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन को लेकर क्या जानकारी मिली है

रिपोर्ट के अनुसार, पहली तिमाही में नियमों के उल्लंघन में 90 प्रतिशत की भारी कमी आई है, जो बेहतर निगरानी और कंट्रोल सिस्टम का नतीजा है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.