दुबई में व्यापार को बढ़ावा देने और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने स्मार्ट सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर कर दिया है। पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री ज़ोन कॉर्पोरेशन (PCFC) के चेयरमैन महामहिम अब्दुल्ला बिन दमितान ने सुरक्षा द्वारों का दौरा कर तैयारियों और गाड़ियों की आवाजाही से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया है। इस नई तकनीक का मकसद दुबई के बंदरगाहों और फ्री ज़ोन में लोगों और गाड़ियों के आने-जाने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बनाना है।

Tasreeh परमिट सिस्टम से मिला बड़ा सहारा

साल 2026 की पहली छमाही के दौरान, दुबई में PCFC की देखरेख में चलने वाले 33 सुरक्षा द्वारों पर इलेक्ट्रॉनिक Tasreeh परमिट सिस्टम के जरिए 8,50,000 से अधिक एंट्री परमिट जारी किए गए। यह सिस्टम सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को बहुत तेजी से एंट्री दिलाने में मदद करता है। इसके उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचे के कारण काम की रफ्तार काफी बढ़ गई है।

क्या है Shahin सिस्टम और यह कैसे काम करता है?

दुबई कस्टम्स ने व्यापार को सुरक्षित और तेज बनाने के लिए 23 मई 2026 को Shahin नाम का एक स्मार्ट डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया है।

  • यह एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड सिस्टम है जो सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल करता है।
  • इसके जरिए दुबई के एंट्री पॉइंट्स पर ट्रकों और माल (कार्गो) की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जाती है।
  • अगर कोई गाड़ी तय रास्ते से भटकती है, तो यह तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देता है।
  • यह ग्रीन कॉरिडोर पहल के साथ मिलकर काम करता है, जिससे सामान की कस्टम क्लीयरेंस बहुत जल्दी हो जाती है।

सुरक्षा और डिजिटल बदलाव पर सरकार का जोर

दुबई सरकार के डिजिटल बदलाव के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा द्वारों को लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है। चेयरमैन अब्दुल्ला बिन दमितान ने साफ किया है कि सुरक्षा और व्यापार की गति दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। इसके अलावा, दुबई बॉर्डर सिक्योरिटी काउंसिल के चेयरमैन शेख मंसूर बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने विमानन क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक स्मार्ट सुरक्षा उल्लंघन रिपोर्टिंग प्रणाली भी शुरू की थी, जो दुबई पुलिस और सीमा शुल्क विभाग के साथ मिलकर काम कर रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुबई के सुरक्षा द्वारों पर ‘Tasreeh’ सिस्टम क्या काम करता है?

यह एक इलेक्ट्रॉनिक परमिट सिस्टम है जो दुबई के 33 सुरक्षा द्वारों पर काम करता है। इसने 2026 की पहली छमाही में बिना किसी रुकावट के 8.5 लाख से अधिक एंट्री परमिट जारी किए हैं।

दुबई कस्टम्स का ‘Shahin’ सिस्टम क्यों खास है?

यह एक सैटेलाइट आधारित ट्रैकिंग सिस्टम है जो ट्रकों और सामान की रीयल-टाइम निगरानी करता है, जिससे सुरक्षा मजबूत होती है और सीमा पर जांच का काम तेजी से होता है।