यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुबई पुलिस एकेडमी के लिए एक नया कानून जारी किया है. यह नया कानून 15 मार्च 2026 से आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है. इस कानून का मुख्य मकसद एकेडमी को पुलिस और सुरक्षा शिक्षा का एक बेहतरीन सेंटर बनाना है. इससे दुबई पुलिस को और भी काबिल और ट्रेंड अधिकारी मिल सकेंगे जो शहर की सुरक्षा को और मजबूत करेंगे.

नए कानून के तहत क्या बदलाव हुए हैं?

इस नए कानून के तहत एकेडमी का कामकाज देखने के लिए एक बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज बनाया जाएगा. यह बोर्ड एकेडमी का सबसे बड़ा अधिकार क्षेत्र होगा जो सारे अहम फैसले लेगा. इसके साथ ही एक ‘साइंटिफिक काउंसिल’ भी बनेगी जिसका काम पढ़ाई, ट्रेनिंग और रिसर्च की योजनाएं तैयार करना होगा. एकेडमी को अब लॉ, पुलिस साइंस और सिक्योरिटी साइंस में डिग्री और हायर डिप्लोमा देने का अधिकार मिल गया है.

छात्रों के लिए क्या नए नियम तय किए गए हैं?

एकेडमी में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा और अहम नियम लागू किया गया है. चुने गए छात्रों या उनके अभिभावकों को लिखित में यह वादा करना होगा कि ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद वे कम से कम पांच साल तक दुबई पुलिस में अपनी सेवाएं देंगे. इसके अलावा जो छात्र अपनी पढ़ाई और मिलिट्री ट्रेनिंग में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे उनके लिए एक खास इनाम का सिस्टम भी बोर्ड द्वारा तैयार किया जाएगा.

दुबई की सुरक्षा पर इसका क्या असर होगा?

यह कदम दुबई के कानूनी और सुरक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है. इससे पहले भी मार्च के महीने में पब्लिक सेफ्टी को लेकर नए कानून लाए गए थे. अब नई जनरेशन के ट्रेंड पुलिस अधिकारियों के आने से शहर का सुरक्षा सिस्टम ग्लोबल लेवल का बनेगा. इससे दुबई में रहने वाले आम लोगों और भारत जैसे देशों से वहां काम करने गए प्रवासियों को एक और भी सुरक्षित माहौल मिल सकेगा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.