दुबई पुलिस ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने दुनिया भर में फैले एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इस बड़े ऑपरेशन में कुल 276 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई अमेरिका और अन्य देशों की पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर की गई।

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कौन थे ये अपराधी और क्या था इनका काम?

पकड़े गए ये लोग क्रिप्टो करेंसी इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को ठगते थे। इनका मुख्य निशाना अमेरिकी नागरिक थे, जिनसे इन्होंने करोड़ों डॉलर की ठगी की। जांच में पता चला कि इन जालसाजों ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 9 बड़े स्कैम सेंटर चला रखे थे। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल A. Tysen Duva ने साफ कहा कि बाहर बैठकर लोगों को ठगने वाले अब बच नहीं पाएंगे।

किन देशों की पुलिस ने मिलकर किया यह ऑपरेशन?

इस अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन का नेतृत्व Dubai Police ने किया। इसमें कई बड़ी एजेंसियों ने साथ दिया, जिनमें शामिल हैं:

  • अमेरिका: FBI और Department of Justice
  • चीन: Ministry of Public Security
  • थाईलैंड: Royal Thai Police

अमेरिका के अटॉर्नी एडम गॉर्डन ने बताया कि अब वैश्विक अपराधों के खिलाफ वैश्विक न्याय का समय आ गया है।

कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या हैं आरोप?

कुल 276 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से तीन मुख्य आरोपियों को दुबई पुलिस ने पकड़ा, जिनके नाम Thet Min Nyi (बर्मा), Andreas Chandra और Lisa Mariam (इंडोनेशिया) हैं। वहीं Wiliang Awang नाम के एक इंडोनेशियाई नागरिक को थाईलैंड पुलिस ने गिरफ्तार किया। इन सभी पर मनी लॉन्ड्रिंग और वायर फ्रॉड के गंभीर आरोप लगे हैं और इनका केस अमेरिका की अदालत में चलेगा। अभी भी दो आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इस फ्रॉड नेटवर्क का मुख्य काम क्या था?

यह नेटवर्क क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करता था और खास तौर पर अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों डॉलर ठगता था।

ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?

इस ऑपरेशन में दुबई पुलिस के साथ अमेरिका की FBI, चीन की पब्लिक सिक्योरिटी मिनिस्ट्री और रॉयल थाई पुलिस ने मिलकर काम किया।