दुबई पुलिस ने एक ऐसे नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है जिसने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ट्रांजिट एरिया को ही अपना ठिकाना बना लिया था। यह आरोपी 45 दिनों तक लगातार ट्रांजिट जोन में रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स का धंधा चला रहा था। उसे लगा कि वह यूएई की सीमा में दाखिल नहीं हुआ है इसलिए पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी।
45 दिनों तक चली निगरानी
दुबई पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स विभाग के ब्रिगेडियर Khaled bin Muwaiza ने बताया कि यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था। पुलिस की टीम ने 24 घंटे आरोपी पर नजर रखी और उसकी हरकतों व संपर्कों को रिकॉर्ड किया। आरोपी ट्रांजिट एरिया में रहकर ही ड्रग्स की डील करता था और दुबई में छिपी हुई खेप को ठिकाने लगाने की योजना बनाता था। जब आरोपी ने ट्रांजिट एरिया से बाहर निकलकर ड्रग्स की खेप लेने की कोशिश की, तभी पुलिस ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
सख्त हैं यूएई के कानून
यूएई ड्रग्स के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। Federal Decree-Law No. 30 of 2021 के तहत नशा तस्करी करने वालों को कड़ी सजा का प्रावधान है। इसमें दोषियों को 7 से 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है, जबकि गंभीर मामलों में उम्रकैद भी हो सकती है। अगर कोई गिरोह बनाकर तस्करी करता है तो मौत की सजा तक का प्रावधान है। इसके अलावा Federal Decree-Law No. 14 of 2025 के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से नशा तस्करी में दोषी पाए जाने वाले विदेशी नागरिकों को अनिवार्य रूप से देश से बाहर (डिपॉर्ट) किया जाएगा।
