दुबई पुलिस ने एक ऐसे नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 45 दिनों से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ट्रांजिट एरिया में छिपा हुआ था। अपराधी का मानना था कि वह ट्रांजिट जोन में रहकर कानून की पकड़ से दूर रहेगा, लेकिन पुलिस ने लंबे ऑपरेशन के बाद उसे धर दबोचा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट का ट्रांजिट इलाका यूएई की सुरक्षा सीमा के अंदर आता है और इसे कोई भी अपराधी सुरक्षित पनाहगाह नहीं समझ सकता।
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45 दिनों तक चली निगरानी
दुबई पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स विभाग के अफसरों ने 24 जुलाई 2026 को इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। यह व्यक्ति एयरपोर्ट के ट्रांजिट एरिया को अपना कमांड सेंटर बनाकर कई देशों में ड्रग्स का कारोबार चला रहा था। पुलिस की टीम ने लगातार 45 दिनों तक उसकी हर हरकत और बातचीत पर पैनी नजर रखी। जैसे ही वह ड्रग्स की खेप लेने के लिए ट्रांजिट जोन से बाहर निकला, पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
यूएई में जीरो टॉलरेंस की नीति
दुबई पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर Khaled bin Muwaiza ने बताया कि यह एक लंबी और कड़ी मेहनत वाली कार्रवाई थी। उन्होंने साफ किया कि यूएई नशीले पदार्थों के मामलों में बेहद सख्त है और तस्करी या उपयोग के लिए यहां सख्त सजा का प्रावधान है। दुबई पुलिस ने यह संदेश दिया है कि एयरपोर्ट के किसी भी कोने में छिपकर कानून से नहीं बचा जा सकता, क्योंकि पूरा इलाका यूएई के सुरक्षा दायरे में है।
