दुबई पुलिस ने माता-पिता के लिए एक बहुत ज़रूरी चेतावनी जारी की है. पुलिस ने कहा है कि बच्चों को कार, घर या लिफ्ट में अकेला न छोड़ें. गर्मी के मौसम में कार के अंदर तापमान बहुत तेज़ी से बढ़ता है, जिससे बच्चों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है. UAE में रहने वाले सभी परिवारों, खासकर भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है.

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बचाव कार्य और आंकड़े

दुबई पुलिस ने बताया कि साल 2026 की पहली तिमाही में कुल 79 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें से 50 बच्चे घरों में, 24 कार में और 5 बच्चे लिफ्ट में फंसे हुए थे. इससे पहले साल 2025 में पुलिस को बच्चों के फंसने से जुड़ी 301 कॉल मिली थीं, जिनमें 165 बच्चों को घरों से, 107 को गाड़ियों से और 29 को लिफ्ट से बचाया गया था. अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों में बंद गाड़ी के अंदर दम घुटने, पानी की कमी या हीटस्ट्रोक का खतरा बहुत ज़्यादा होता है.

वदीमा कानून और सज़ा का प्रावधान

UAE में बच्चों की सुरक्षा के लिए वदीमा कानून (Federal Law No. 3 of 2016) लागू है. इस कानून के तहत बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही करना एक आपराधिक offense माना जाता है. अगर कोई माता-पिता या अभिभावक बच्चे को अकेला छोड़ते हैं, तो उन पर 5,000 दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है. अगर लापरवाही की वजह से बच्चे की जान खतरे में पड़ती है, तो यह जुर्माना 10,000 दिरहम तक बढ़ सकता है और दोषी को 10 साल तक की जेल भी हो सकती है. कानून के अनुसार, 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए गाड़ी में यूरोपीय मानकों वाली सेफ्टी सीट का इस्तेमाल करना ज़रूरी है.

पुलिस की सलाह और चेतावनी

दुबई पुलिस के रेस्क्यू और ट्रांसपोर्टेशन विभाग के डायरेक्टर कर्नल अब्दुल्ला बेशवा ने माता-पिता से बहुत ज़्यादा सतर्क रहने को कहा है. उन्होंने सलाह दी है कि गाड़ी लॉक करने से पहले हमेशा पिछली सीट चेक करें और चाबियाँ बच्चों की पहुँच से दूर रखें. उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे अक्सर बिना बताए खुली गाड़ियों में घुस जाते हैं, जो बहुत खतरनाक हो सकता है. किसी भी ऐसी घटना की जानकारी तुरंत 999 नंबर पर कॉल करके पुलिस को देने की अपील की गई है.