दुबई पुलिस ने अपने उन्नत AI-पावर्ड रडार सिस्टम और स्मार्ट कैमरों को और अधिक मजबूत कर दिया है. ये आधुनिक कैमरे अब केवल ओवरस्पीडिंग ही नहीं, बल्कि आठ अलग-अलग प्रकार के ट्रैफिक उल्लंघनों को खुद-ब-खुद यानी ऑटोमैटिक तरीके से पकड़ सकते हैं. इस नए सिस्टम को लगाने का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और हादसों को कम करना है. दुबई में रहने वाले और गाड़ी चलाने वाले लोगों, विशेषकर भारतीय प्रवासियों को अब सड़क पर गाड़ी चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है.
दुबई के नए स्मार्ट कैमरे किन 8 ट्रैफिक उल्लंघनों को पकड़ेंगे?
दुबई पुलिस के अनुसार, नए स्मार्ट कैमरों में लगी एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक अब सड़क पर होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखेगी. इन कैमरों द्वारा मुख्य रूप से निम्नलिखित आठ यातायात उल्लंघनों को स्वचालित रूप से रिकॉर्ड किया जाएगा:
- ओवरस्पीडिंग (Overspeeding): तय सीमा से अधिक तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना.
- रेड सिग्नल जंप करना (Red signal jumping): लाल बत्ती होने पर भी चौराहा पार करना.
- सीट बेल्ट न लगाना (Not wearing a seatbelt): गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग न करना.
- मोबाइल फोन का इस्तेमाल (Using a mobile phone while driving): गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करना या मैसेज टाइप करना.
- अचानक और खतरनाक लेन बदलना (Sudden and dangerous lane changes): बिना इंडिकेटर दिए या अचानक से लेन बदलना.
- टेलगेटिंग (Tailgating): आगे चल रहे वाहन के बेहद करीब अपनी गाड़ी चलाना जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ता है.
- हार्ड शोल्डर पर गाड़ी चलाना (Driving on the hard shoulder): सड़क के किनारे आपातकालीन लेन का गलत इस्तेमाल करना.
- ध्यान भटकाने वाली गतिविधियां (Distracted driving): गाड़ी चलाते समय कोई भी ऐसा काम करना जिससे ध्यान भटकता हो.
तेज आवाज वाले वाहनों पर लगेगा Dh2,000 का जुर्माना और ब्लैक पॉइंट
दुबई पुलिस ने केवल सामान्य यातायात नियमों को ही नहीं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर भी शिकंजा कसा है. सड़कों पर अत्यधिक शोर करने वाले वाहनों या बिना वजह बार-बार हॉर्न बजाने वाले चालकों का पता लगाने के लिए विशेष AI-पावर्ड नॉइज़ रडार तैनात किए गए हैं. इन नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों पर Dh2,000 (दिरहम) का भारी जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही उनके ड्राइविंग लाइसेंस में 12 ब्लैक पॉइंट भी जोड़े जाएंगे.
दुबई पुलिस के यातायात विभाग के महानिदेशक, मेजर जनरल सैफ मुहैर अल मजरूई ने स्पष्ट किया है कि पुलिस सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन स्मार्ट तकनीकों में लगातार निवेश कर रही है. उन्होंने बताया कि यदि यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करते हैं तो यातायात जुर्माना दोगुना भी हो सकता है, लेकिन पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं बल्कि ड्राइवरों को सुरक्षित गाड़ी चलाने के लिए शिक्षित करना है. इसके साथ ही लेफ्टिनेंट इंजीनियर अहमद अल हम्मादी ने इस नए सिस्टम को स्मार्ट, निष्पक्ष और अधिक कुशल बताया है जो सड़क हादसों को रोकने में सहायक सिद्ध होगा.
दुबई पुलिस का साल 2031 तक का मास्टर प्लान
दुबई पुलिस अपनी 2018-2031 की दीर्घकालिक रणनीतिक योजना के तहत काम कर रही है. इस योजना का मुख्य लक्ष्य 2031 तक अपनी सभी पुलिस सेवाओं को पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निर्भर बनाना है. इसमें सुरक्षा व्यवस्था, अपराधों का पूर्वानुमान लगाना और यातायात दुर्घटनाओं की निगरानी करना शामिल है. हालांकि फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पुलिस वर्तमान में ड्राइवरों के साथ थोड़ी नरमी बरत रही है ताकि उन्हें अपनी आदतों को सुधारने का मौका मिल सके, लेकिन आने वाले समय में इन नियमों को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
दुबई पुलिस के नए AI कैमरे कौन से मुख्य उल्लंघन पकड़ेंगे?
यह कैमरे मुख्य रूप से ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप करना, सीट बेल्ट न लगाना, ड्राइविंग के दौरान फोन का उपयोग करना, खतरनाक लेन बदलना, टेलगेटिंग, हार्ड शोल्डर पर गाड़ी चलाना और ध्यान भटकाने वाली गतिविधियों को पकड़ेंगे.
तेज आवाज करने वाली गाड़ियों या तेज हॉर्न बजाने पर कितना जुर्माना है?
दुबई में तैनात नए नॉइज़ रडार के जरिए तेज आवाज करने वाले या अनावश्यक हॉर्न बजाने वाले वाहनों पर Dh2,000 का जुर्माना और 12 ब्लैक पॉइंट लगाने का नियम है.