दुबई पुलिस ने रमजान के महीने में रिहायशी इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत पुलिस ने तेज आवाज करने वाली और अवैध रूप से मॉडिफाई की गई 251 गाड़ियों को जब्त किया। पुलिस ने साफ तौर पर कहा कि इंजन और साइलेंसर के साथ छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही सड़क पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले रडार भी लगाए गए हैं जो तेज आवाज वाली गाड़ियों को तुरंत पकड़ लेते हैं।

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क्या हैं नए नियम और कितना लगेगा जुर्माना

दुबई पुलिस के ट्रैफिक विभाग ने जानकारी दी है कि गाड़ियों से 95 डेसिबल से ज्यादा आवाज आना गैरकानूनी है। अगर कोई व्यक्ति इस नियम को तोड़ता है तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस अवैध मॉडिफिकेशन पर भी कड़ी नजर रख रही है।

  • गाड़ी से तेज आवाज निकालने पर 2000 दिरहम का जुर्माना लगेगा और 12 ब्लैक पॉइंट दिए जाएंगे।
  • जब्त की गई गाड़ी को छुड़ाने के लिए 50 हजार दिरहम तक की भारी फीस भरनी पड़ सकती है।
  • इंजन या साइलेंसर में बिना अनुमति के बदलाव करना पूरी तरह से गैरकानूनी माना गया है।
  • रमजान की शुरुआत से अब तक कुल 524 उल्लंघन दर्ज हुए, जिनमें से 220 तेज आवाज और 304 अवैध मॉडिफिकेशन के मामले हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पुलिस की सख्त निगरानी

मेजर जनरल सैफ मुहेर अल मजरूई ने बताया कि गाड़ियों से निकलने वाली बैकफायर की आवाज से लोग डर जाते हैं। कई बार यह आवाज किसी धमाके जैसी लगती है जिससे रात के समय रिहायशी इलाकों में लोगों की शांति भंग होती है। इस समस्या से निपटने के लिए अल खवानीज, नाद अल शेबा और अल मेदान जैसे इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।

अब दुबई पुलिस ने AI पावर्ड रडार का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह रडार उन गाड़ियों की अपने आप पहचान कर लेता है जिनकी आवाज तय सीमा से ज्यादा होती है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे We Are All Police सेवा (901) या पुलिस ऐप पर Police Eye के जरिए ऐसे लोगों की शिकायत दर्ज कराएं ताकि शहर में शांति बनी रहे।